इस दिवाली घर मनाने के लिए रोडवेज बसों में जगह पाने की मंशा रखते हैं तो फिलहाल भूल जाएं। करीब 50 बसें बढ़ाने और अतिरिक्त फेरों के बावजूद उत्तराखंड परिवहन निगम लोगों को राहत नहीं दे पा रहा है।
रोजाना सैकड़ों यात्री दून से दिल्ली, कुमाऊं के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों के लिए बसों में निकल रहे हैं। ऑनलाइन बुकिंग फुल हो चुकी हैं। मजबूरन लोगों को डग्गामार वाहनों में धक्केखाने पड़ रहे हैं। हालांकि यूपी रोडवेज की बसों ने थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन मुसाफिरों की तादाद को देखते हुए यह नाकाफी साबित हो रहा है।
दिल्ली रूट पर प्रतिदिन 400 बसें
दीपावली में घर जाने के लिए लोगों ने एक माह पहले ही वॉल्वो और सेमी डीलक्स बसों की आनलाइन टिकट करा ली थी। दिल्ली रूट पर आम दिनों में तीन सौ से साढ़े तीन सौ बसें चक्कर लगाती हैं। पचास बसें बढ़ने से अकेले दिल्ली के लिए हर दिन 400 बसें चल रही हैं, जबकि तीस फीसदी बसें ज्यादा फेरे लगा रही हैं। ऐसे में हर उत्तराखंड परिवहन की ही करीब 600 बसें इस रूट पर संचालित हो रही हैं।
यात्रियों में विवाद की स्थिति
कुमाऊं के रूटों पर रोजाना 300 बसें चल रही हैं। यहां मांग के अनुसार, बसें त्योहारी सीजन में बढ़ाई जा रही है। इस बार हालत यह है कि दस दिन पहले ही कई साधारण बसें भी फुल हो गईं। मंगलवार को आईएसबीटी में सैकड़ों यात्री बसों में सीट के लिए जद्दोजहद करते रहे।
इस दौरान कई बार यात्रियों में विवाद की स्थिति भी बनी। सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं और बुजुर्गों को हुई। आईएसबीटी प्रभारी केपी सिंह ने बताया रूटों पर अतिरिक्त बसें चलाई जा रही है। यात्रियों को दिक्कत नहीं होने दिया जाएगा।
मिल कर लूट रहे यात्रियों को
त्योहारी सीजन में डग्गामार ही नहीं, अधिकृत मैक्सी कैब संचालक भी यात्रियों को ‘लूटने’ में लगे हैं। ज्यादा शिकायतें दून से कोटद्वार, हरिद्वार और उत्तरकाशी जाने वाली जीपों की यात्रियों से मिल रही हैं। संभागीय परिवहन अधिकारी दिनेश चंद्र पठोई ने बताया कि ज्यादा किराया लिया जाता है तो तुरंत सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी से शिकायत करें।