- प्रदेश अध्यक्ष बोले, सरकार ने प्रभावितों को उन्हीं के भरोसे छोड़ दिया
- कांग्रेस की मांग प्रभावितों को पुनर्वास के लिए 50 लाख मुआवजा दिया जाए
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून उत्तरकाशी जिले के आपदा ग्रस्त धराली क्षेत्र का दौरा कर लौटे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, चार महीने बाद भी धराली में पुनर्वास व पुनर्निर्माण को कोई काम नहीं हुआ है। सरकार ने प्रभावितों को उन्हीं के भरोसे छोड़ दिया है। कांग्रेस की मांग है कि प्रभावितों को पुनर्वास के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
शुक्रवार को कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल व पूर्व अध्यक्ष करन माहरा ने कहा, कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने धराली जाकर वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया। प्रदेश सरकार जो दावे कर रही है, वह जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने धराली आपदा में 52 लोगों लापता बताया। जबकि सरकार में दायित्वधारी मंत्री कर्नल कोठियाल ने 147 के मलबे में दबे होने का बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा ग्रस्त क्षेत्र में सड़क को निकाल ली। लेकिन मलबे में दबे लोगों को खोलने के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ है। सरकार ने प्रभावितों को मात्र पांच लाख रुपये का सहायता दी है। इस राशि से मकान बनाना संभव नहीं है। जिन लोगों के मकान आपदा में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, सरकार उन्हें कच्चा मकान बता रही है।
स्थानीय व्यावसायियों को नुकसान की प्रतिपूर्ति नहीं की जा रही है। सरकारी मदद के अभाव में आपदा प्रभावित खुद अपने खर्च पर अपना सामान मलबे से निकालने को मजबूर हैं। क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या है। कांग्रेस की मांग है कि सरकार केदारनाथ आपदा प्रभावित की तर्ज पर स्व: मूल्यांकन का शपथ पत्र लेकर मुआवजा दे। पुनर्वास के लिए ठोस योजना बनाई जाए। लापता लोगों की खोज के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। करन माहरा ने कहा प्रधानमंत्री ने 1200 करोड़ के आपदा राहत पैकेज घोषणा की थी। आज तक केंद्र सरकार ने राज्य को पैसा नहीं मिला। इस मौके पर मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी मौजूद रही।