सागर ने बताया कि 2012 में उनका एक पैर खराब हो गया था। इसके बाद उन्हें महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज छोड़ना पड़ा। लेकिन, इसके बाद उनकी अग्निपरीक्षा शुरू हुई। विभाग की ओर से पैरालंपिक (दिव्यांग खिलाड़ी) के लिए एक भी ट्रेनिंग कैंप नहीं लगाया गया। उनके पिता खेतीबाड़ी करते हैं, इस वजह से वह कहीं ट्रेनिंग भी नहीं ले सके। खुद की मेहनत से उन्होंने यह मुकाम पाया।
केक काटकर मनाया जश्न
परिजन, मित्रों ने सागर का आईएसबीटी पर जोरदार स्वागत किया। यहां से सागर बंजारावाला स्थित अपने किराये के मकान में पहुंचे, जहां उनके मित्रों ने केक काटकर खुशी जाहिर की। इसके बाद सागर ए-थ्री स्पोर्ट्स क्लब पहुंचे और अपने दोस्तों से मिले। इस दौरान सागर के भाई सौरभ थायत, सचिन सैनी, डिगर नेगी, अमन सेमवाल, अमन चौहान, नवीन नेगी व कई अन्य मौजूद रहे।