दून अस्पताल के मरीजों को जेनेरिक दवाओं के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन दिनों अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर आयरन, कैल्शियम, मल्टीविटामिन, डायबिटीज, लिवर, प्रोटीन पाउडर सहित सामान्य चोट की दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से महंगी कीमत देकर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निशुल्क दवाएं मिलती हैं, लेकिन किसी कारणवश जो दवाएं अस्पताल से न मिल सकें, उन्हें जन औषधि केंद्र से कम कीमत में खरीदा जाता है। इसीलिए सभी जिला अस्पताल में एक जन औषधि केंद्र खोला गया है, लेकिन दून अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर मरीजों को सामान्य दवाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
बता दें कि जन औषधि केंद्र पर बाजार के रेट से 50 से 70% तक छूट मिलती है। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना का कहना है कि जन औषधि केंद्र रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से चलता है। जगह अस्पताल की ले रखी है। दवाओं की जानकारी हमें नहीं रहती है।
केस-1
ऋषि विहार निवासी विजय कुमार ने बताया कि डॉक्टर की लिखी दवाएं अस्पताल की फॉर्मेसी में नहीं मिलीं तो उन्हें जन औषधि केंद्र पर लेने गए, लेकिन वहां पर भी दवाएं नहीं मिल सकीं।
केस-2
नया गांव निवासी वंशिका के पैर पर चोट थी। पिता ने बताया कि डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने जो दवाएं लिखीं वो अस्पताल की फॉर्मेसी के साथ ही जन औषधि केंद्र पर भी नहीं मिलीं।
केस-3
कारगी निवासी स्नेहा ने बताया कि वह तीन माह की गर्भवती हैं। डॉक्टर ने जो दवाएं लिखीं इसमें से एक दवा अस्पताल की फार्मेसी के साथ जन औषधि केंद्र पर भी नहीं मिली।