गैरसैंण में पशुपालन विभाग की जिस जमीन पर उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (उडा) स्मार्ट इंटिग्रेटेड टाउनशिप विकसित करने का सपना देख रहा है, उसको राज्य संपत्ति विभाग के नाम किया जा रहा है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में जमीन राज्य संपत्ति विभाग को देने पर सहमति बन चुकी है। सूत्रों के अनुसार, जमीन हस्तानांतरण करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
चौंकाने वाली बात यह है कि गैरसैंण में स्मार्ट इंटिग्रेटेड टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाने वाले नीति नियंताओं को इस फैसले की खबर ही नहीं है। शहरी विकास मंत्री तक इस तथ्य से अनजान हैं। चूंकि सरकार की योजना है, जमीन हस्तांतरण की नई प्रक्रिया के जरिए जमीन आवास विभाग को मिल जाएगी, मगर इस तथ्य से अनजान रहना योजनाकारों के काम करने के तौर-तरीकों पर सवाल उठाता है कि वे किस तरह से हवा में योजनाएं बना रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक 2015 में पहली बार गैरसैंण में स्मार्ट टाउनशिप विकसित करने की कवायद शुरू हुई। उडा ने यहां टाउनशिप के लिए पशुपालन विभाग की करीब 500 एकड़ भूमि चिह्नित की थी। जिलाधिकारी चमोली ने भूमि हस्तानांतरण का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
इस प्रस्ताव से पहले तत्कालीन मुख्य सचिव राकेश शर्मा और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी व उडा के मुख्य प्रशासक आर मीनाक्षी सुंदरम ने गैरसैंण पहुंचकर उडा के लिए पशुपालन विभाग की जमीन चिह्नित की। इससे लगी हुई राजस्व विभाग की जमीन भी स्मार्ट सिटी में शामिल करने पर सहमति बनी थी। इस पर कोई फैसला होता, इससे पूर्व ही राज्य संपत्ति विभाग और विधानसभा ने भी इस जमीन को अपनी परियोजनाओं के लिए लेने का प्रस्ताव दिया। तत्कालीन मुख्य सचिव एस रामास्वामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह जमीन राज्य संपत्ति विभाग को देने पर सहमति भी बन गई। इसके बाद विधानसभा चुनाव व अन्य कारणों से इस कवायद पर ब्रेक लग गए। हालांकि कुछ समय पूर्व मौजूदा मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में जमीन राज्य संपत्ति विभाग को देने पर दोबारा सहमति बनी थी, जिसके बाद हस्तानांतरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।
आवास विभाग ने प्रस्ताव दिया था। भूमि राज्य संपत्ति विभाग को हस्तानांतरित की जा रही है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो दोबारा प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। सरकार वहां पर इंटिग्रेटेड टाउनशिप बनाने को लेकर गंभीर है।
- मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री, उत्तराखंड