इतनी बदनामी के बाद भी नारी निकेतन तंत्र कोई सबक लेता नहीं दिख रहा है। शनिवार संवासिनी शिवानी गुप्ता के अंतिम संस्कार में भी वह लापरवाह बना रहा। शव के साथ केवल कागज का टुकड़ा लेकर पहुंचे कर्मचारियों को पहले तो पंडित ने क्रिया कर्म कराने से मना कर दिया। जैसे-तैसे पंडित तैयार हुए तो कर्मचारी बजट नहीं होने का रोना रोने लगे।
शमशान घाट समिति ने इंसानियत दिखाते हुए कुछ सामान और सामग्री उपलब्ध कराई तब जाकर संवासिनी का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान समाज कल्याण और प्रशासन का एक भी जिम्ममेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
पोस्टमार्टम के बाद संवासिनी शिवानी गुप्ता के पार्थिव शरीर को लक्खीबाग स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। एंबुलेंस में शव लेकर आए दो कर्मचारी न तो संवासिनी के मृत्यु का प्रमाण पत्र और न ही किसी तरह का सरकारी दस्तावेज लेकर आए थे। सिर्फ सफेद कागज के टुकड़े पर संवासिनी की मौत का उल्लेख किया गया था।