प्रतापनगर ब्लॉक का केंद्र बिंदु लंबगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में छह माह से डॉक्टर नहीं है। क्षेत्र की बड़ी आबादी को देखते हुए डिलीवरी केंद्र बनाया गया स्वास्थ्य केंद्र एक फार्मासिस्ट और एक स्टाफ नर्स के भरोसे चल रहा है।
ऐसे में चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सेवा देने की बात बेइमानी साबित हो रही है। क्षेत्र के लोगों ने मानकों के अनुरूप चिकित्सक व स्टाफ भेजने की मांग की है।
लंबगांव पीएचसी में महीनेभर में ही 30 से 35 प्रसूताएं सुरक्षित प्रसव कराने के लिए पहुंचती है। जिससे इस केंद्र को डिलीवरी केंद्र बनाया गया है। जहां चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराए जाने का प्राविधान है। लेकिन बदहाल व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया जा रहा है। अभी डेढ माह पहले ही अस्पताल में किसी चिकित्सा कर्मी के मौजूद नहीं होने से एक प्रसूता को सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।
नवजात को चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से उसने दम तोड़ दिया था। बावजूद पीएचसी डेढ़ माह से एक फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और एक वार्ड व्वाय के भरोसे चल रहा है। जबकि डिलीवरी केंद्र के हिसाब से पीएचसी में तीन डॉक्टर, तीन फर्मासिस्ट और तीन स्टाफ नर्स का स्टाफ चौबीसों घंटे तैनात रहना चाहिए। पीएचसी में प्रतिदिन आ रहे 70 से 80 मरीजों को पर्याप्त दवाइयां भी नहीं मिल पा रही है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य दिनेश बिष्ट ने प्रसूताओं और मरीजों की संख्या को देखते हुए डिलीवरी केंद्र के मानक के अनुरूप चिकित्सक और स्टाफ नर्स भेजने की मांग की है। यहां तैनात फार्मासिस्ट गोबर सिंह बिष्ट ने बताया कि वह अकेले ही चौबीसों घंटे की सेवा दे रहे हैं। मरीजों की भीड़ बढने पर खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लंबगांव पीएचसी में समस्याएं हैं, चिकित्सक व कर्मचारियों के अभाव में दिक्कतें सामने आ रही है। शासन स्तर से नियुक्तियां होने पर लंबगांव पीएचसी में सबसे पहले कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। वहां स्टफ नर्स को जल्द तैनात किया जाएगा।
- डा. योगेंद्र सिंह थपलियाल, सीएमओ टिहरी