अगर आप होली पर ट्रेन से घर जाने की सोच रहे हैं तो अपनी सुरक्षा आपको खुद करनी पड़ेगी। क्योंकि होली में यात्रियों की भीड़ बढ़ने वाली है और रेलवे के पास पर्याप्त सुरक्षा सुविधाएं नहीं हैं।
होली पर्व के आसपास के दिनों में ट्रेनों में वेटिंग बढ़ने लगी है। वेटिंग को देखते हुए साफ है कि ट्रेनें यात्रियों से खचाखच भरी रहेंगी। ऐसे में ज्यादातर ट्रेनों में सुरक्षा की समुचित व्यवस्था न होने से यात्रियों के साथ ही रेलकर्मी भी चिंतित हैं।
होली पर्व के लिए छुट्टी पर जाने वाले लोग इन दिनों भी ट्रेनों में सीट के लिए रिजर्वेशन करा रहे हैं। इससे खासकर लंबे रूट वाली ट्रेनों में वेटिंग बढ़ रही है। हावड़ा एक्सप्रेस, लिंक एक्सप्रेस, देहरादून मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस, इंदौरी एक्सप्रेस में तो दून से विभिन्न स्टेशनों के लिए स्लीपर कोच में वेटिंग 50 से लेकर 250 तक पहुंच चुकी है। कुछ ऐसा ही हाल अन्य श्रेणी के कोचों का भी है। स्वाभाविक है कि जनरल कोच भी खचाखच होकर निकलेंगे ।
जनता एक्सप्रेस के 17 मार्च तक कैंसिल रहने से लखनऊ वाले रूट पर दिक्कत अपेक्षाकृत बढ़ेगी। अब तक रेलवे ने होली पर्व के दौरान दून के लिए किसी अतिरिक्त ट्रेन की घोषणा भी नहीं की है।
लगातार बढ़ रही वेटिंग
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ऐसे में ट्रेनों में भीड़ बढ़ने और उस हिसाब से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने को लेकर रेलकर्मी भी चिंता जता रहे हैं। दून से चलने वाली कुछेक ही ट्रेनों में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) का स्टाफ रहता है।
दून आने वाली शताब्दी, जनशताब्दी, नंदा देवी और मसूरी एक्सप्रेस में आरपीएफ के सुरक्षाकर्मी रहते हैं। मसूरी एक्सप्रेस में भी आरपीएफ हरिद्वार तक ही आती है। इसी तरह, कई समय से हावड़ा, काठगोदाम, बांद्रा एक्सप्रेस में जीआरपी के जवान भेजे जा रहे हैं। दून से चलने वाली अन्य ज्यादातर ट्रेनों में सुरक्षा नदारद रहती है।
हालांकि आरपीएफ इंस्पेक्टर अनूप सिन्हा और जीआरपी थानाध्यक्ष दिनेश कुमार का दावा है कि भीड़ बढ़ने पर व्यवस्था बनाने और अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए ठोस प्लान बनाया है। वहीं, अतिरिक्त ट्रेन या कोच चलाने के मामले में स्टेशन अधीक्षक करतार सिंह का कहना है कि मुरादाबाद मंडल मुख्यालय से मिले निर्देशों के तहत ही ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।