फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गरीबों के घर तोड़े, अमीरों को छूआ तक नहीं

Mon, 30 Sep 2013 10:49 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
अवैध झोपड़ियां गिराकर प्रशासन ने सही कदम उठाया लेकिन सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
विज्ञापन


45 झोपड़ियां गिरा दीं
जिला प्रशासन, नगर निगम और एमडीडीए की टीम ने रिस्पना नदी के किनारे धोरणखास जॉगर्स पार्क क्षेत्र में 45 झोपड़ियां गिरा दीं। अवैध झोपड़ियां गिराकर प्रशासन ने सही कदम उठाया लेकिन सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करके बने भवन, मॉल, होटल, कांप्लेक्स के खिलाफ तमाम शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती।

प्रशासन ने कई स्थानों पर बड़े दबाव में अवैध कब्जों पर जेसीबी चलवाई लेकिन बाद में पलट कर भी नहीं देखा।

धड़ल्ले से चल रहा अवैध रिजॉर्ट
जौनसार बावर की तहसील कालसी से 40 किमी दूर बैराटखाई में एक टूर आपरेटर कंपनी ने अवैध कब्जा करके रिजॉर्ट संचालित कर रही है। मामले को इसी साल जून माह में अमर उजाला ने उजागर किया तो जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने जांच के आदेश किए।
विज्ञापन


प्रशासन की जांच में यह साबित हो चुका है कि रिजॉर्ट गैर कानूनी तरीके से बना है। 21 जून को जिलाधिकारी ने एडीएम हरक सिंह रावत को 15 दिन के अंदर कार्रवाई के लिए आदेशित भी किया। लेकिन कार्रवाई आज तक नहीं हुई। कार्रवाई नहीं होने से तरह तरह के सवाल उठ रहे हैं।

एडीएम का जवाब
दूसरे कामों में फंसा रहा। याद ही नहीं आया। किसी ने बताया भी नहीं। अच्छा फिर बात करते हैं।

नाला पाट पुश्ता बनाया
सहस्त्रधारा मार्ग पर आमवाला तरला में लोगों ने राजस्व विभाग की जमीन पर कब्जा कर लिया। नाला पाटकर उस पर पुश्ते का भी निर्माण करा दिया। सुनील गुप्ता ने प्रशासन से शिकायत की। तत्कालीन एसडीएम सदर रंजना वर्मा ने मई माह में जेसीबी ले जाकर आधा-अधूरा अवैध कब्जा हटवाया।
विज्ञापन


जब कब्जा हट रहा था तभी जेसीबी का तेल खत्म हो गया। एसडीएम ने आदेश किया कि तीन दिन के अंदर कब्जा न हटा तो एफआईआर की जाएगी। आज तक वह तीन दिन नहीं आए। मामला 14 मई का है। अभी तक न कब्जा हटा और न ही एफआईआर दर्ज की गई।

एसडीएम का जवाब
फिर मैं एसडीएम से एसएलओ बना दी गई। क्या कब्जा नहीं हटा?। अच्छा तहसीलदार से पूछती हूं।

फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें...
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें