आरक्षित और अनारक्षित वर्ग के मेधावी और टापर्स छात्रों को लैपटॉप वितरण करने को सीएम की घोषणा अधर में लटक गई है। तीन विभागों समाज कल्याण, चिकित्सा शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग छात्रों की सूची उपलब्ध नहीं करवा पाए, जिसके चलते मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने संबंधित विभागीय सचिवों को तलब किया है।
मुख्य सचिव के समक्ष गुरुवार को एक शैक्षणिक सत्र बीतने के बाद भी लैपटाप छात्रों नहीं दिये जाने के कारण विभागीय सचिव रखेंगे। गौरतलब है कि इस प्रकरण पर सीएम के स्तर से निर्देश होने के बावजूद खरीद नहीं है।
सीएम ने बीते वर्ष मेधावी छात्रों को लैपटाप वितरित करने की घोषणा की थी जिसके बाद मुख्य सचिव ने खरीद के लिए एक टेक्निकल कमेटी सचिव सूचना प्रौद्योगिकी की अध्यक्षता में बनाई। इस कमेटी के समक्ष तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कोई जानकारी नहीं दी। समाज कल्याण विभाग ने जानकारी तो दी, लेकिन खरीद के लिए लगभग 6 करोड़ रुपये को जारी नहीं किया।
यह है योजना
तकनीकी शिक्षा में इंटर के टॉपर छात्र जो बीटेक के लिए प्रवेश परीक्षा में सफल रहे उन्हें लैपटॉप दिया जाना है जबकि चिकित्सा शिक्षा में मेडिकल कालेजों में प्रवेश पाने वाले मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने की घोषणा है। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग में प्रत्येक जनपद स्तर पर इंटर की परीक्षा में आरक्षित वर्ग के मेधावी छात्रों के साथ प्रोफेशनल कालेज में प्रवेश पाने वालों को लैपटॉप दिया जाना है।