देश के आजादी के लिए शहीद हुए उत्तराखंड के वीरों और उनके वंशजों के नाम तक प्रशासन को पता नहीं हैं। दिल्ली में वाले एक समारोह के लिए शहीदों के वंशजों के नाम मांगे गए तो यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।
प्रशासन ने इन लोगों को खोजने के लिए एलआईयू को पत्र भेज रहा है। 27 सितंबर को दिल्ली में स्वतंत्रता सेनानी यादगार समारोह मनाया जा रहा है। इसके लिए सभी राज्यों से स्वतंत्रता आंदोलन के दस शहीदों के वंशजों के नाम मांगे गए हैं।
लेकिन, राज्य में स्वतंत्रता आंदोलन के शहीदों के वंशज कहां हैं, कितने हैं, इसकी कोई जानकारी प्रशासन के पास नहीं है। प्रशासन के पास सिर्फ उन दस आंदोलनकारियों की सूची है जो जीवित हैं। शहीदों की कोई सूची प्रशासन के पास नहीं है।
जिंदा आंदोलनकारियों की सूची तो प्रशासन के न्याय अनुभाग के पास है, लेकिन शहीदों और उनके वंशजों की जानकारी नहीं है। यह जानकारी जुटानी बेहद मुश्किल है। अब कैसे पता लगेगा कि कौन सही बोल रहा है, कौन नहीं। यही वजह है कि पत्र एलआईयू को भेजा जा रहा है, ताकि वह अपने स्तर से जांच कर नाम जुटा लें।
- प्रताप शाह, एडीएम, प्रशासन