केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को नमामि गंगे योजना के अंतर्गत चंडीघाट पुल के नीचे नवनिर्मित घाट के लोकार्पण के अवसर पर गंगा के संरक्षण के लिए कई घोषणाएं की। लेकिन 121 दिनों से अनशनरत मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद की उन्होंने सुध नहीं ली।
स्वामी सांनद का भी जिक्र नहीं किया। गडकरी ही नहीं समारोह में मौजूद किसी भी नेता को गंगा के लिए तत्पर ब्रह्मचारी की याद नहीं आई। गंगा की अविरलता के लिए विशेष एक्ट बनाने की मांग को लेकर स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से आश्वासन देने या हरिद्वार आने की मांग करते रहे लेकिन इंतजार के बाद स्वामी सानंद का 11 अक्तूबर को देहावसान हो गया।