पहाड़ों से हो रहे पलायन का अध्ययन करने के लिए उत्तराखंड के अधिकारियों की टीम हिमाचल भी जाएगी। बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि भौगोलिक समानता वाला राज्य होने के बाद भी हिमाचल में पलायन कम है। अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश के मुताबिक हिमाचल में वन और पर्यावरण कानूनों के प्रभावी होने से पहले विकास योजनाओं की शुरूआत हो गई थी।
मिश्रित खेती पर भी जोर
पलायन को रोकने के लिए मिश्रित खेती को अपनाने पर भी जोर दिया गया। एसीएस ने कहा कि विमर्श में यह सामने आया कि उद्योग, उद्यान, कृषि सहित अन्य संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर काम करना होगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दायरे में 250 से कम आबादी वाले गांवों को भी शामिल करने का आग्रह आयोग से किया गया है।
नीति आयोग को बताया गया है कि प्रदेश में 90 प्रतिशत खेती बारिश आधारित है और राज्य आपदा प्रभावी है। ऐसे में कृषि में राज्य को केंद्र से अधिक सहयोग मिलना चाहिए और आपदा के मानकों में ढील दी जानी चाहिए। यह भी सुझाव दिया गया कि पर्वतीय क्षेत्रों में क्षमता विकास को राष्ट्रीय आजीविका कार्यक्रम से जोड़ा जाए।
- सुबोध उनियाल, कृषि मंत्री