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मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने लिया फैसला, एनआईटी श्रीनगर के छात्र जयपुर कैंपस में किए जाएंगे शिफ्ट

Wed, 05 Dec 2018 08:32 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, श्रीनगर
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छात्र - फोटो : अमर उजाला
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केंद्र और उत्तराखंड में भाजपा की सरकार होने के बावजूद उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान (एनआईटी) के अस्थायी कैंपस का हल नहीं निकल सका है। इसके चलते अब केंद्र सरकार ने एनआईटी श्रीनगर के छात्रों को एनआईटी जयपुर में शिफ्ट करने का फैसला लिया है। जयपुर कैंपस में पहले, दूसरे व तीसरे वर्ष के छात्रों को भेजा जाएगा, जबकि पीएचडी व बीटेक आखिरी वर्ष के छात्र श्रीनगर के अस्थायी कैंपस में ही पढ़ाई करेंगे। 

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मानव संसाधन विकास मंत्रालय की मंगलवार शाम को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। एनआईटी जयपुर कैंपस में एनआईटी श्रीनगर का सैटेलाइट कैंपस बनाया जाएगा। इसी कैंपस में बीटेक पहले, दूसरे व तीसरे वर्ष के छह सौ से अधिक छात्र दिसंबर के इसी हफ्ते में श्रीनगर से शिफ्ट किए जाएंगे। बीटेक आखिरी वर्ष के छात्रों को तैयारी बाधित होने से बचाने और पीएचडी के छात्रों की शिफ्ट करने में गाइड की समस्या के चलते उन्हें रोका जा रहा है।
 

तीन साल में नहीं मिला स्थायी भवन

एनआईटी श्रीनगर सालों से अस्थायी कैंपस में ही चल रहा है। वर्ष 2016 में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने राज्य सरकार को स्थायी कैंपस बनाने के लिए पैसा मुहैया करवाया था। लेकिन राज्य सकार जमीन विवाद का हल नहीं निकाल सकी। इसके चलते तीन साल बाद भी अस्थायी भवन में ही कैंपस चल रहा है। यहां न तो लाइब्रेरी की सुविधा है और न ही लैब की। छात्र आईटीआई और पॉलीटेक्निक में जाकर अपनी कक्षाएं लगाते हैं।

पिछले दिनों इसी के चलते तीन छात्र नेशनल हाइवे पार करते समय गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे, जिनमें एक छात्रा अपाहिज हो चुकी है। ऐसी ही घटनाओं के चलते छात्र अन्य कैंपस में शिफ्ट करने की मांग लेकर पिछले एक हफ्ते से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं, जबकि एक महीना पहले आठ सौ से अधिक छात्र हॉस्टल में ताला मारकर घर चले गए थे। 

एनआईटी श्रीनगर की ही मिलेगी डिग्री 
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, छात्रों को एनआईटी जयपुर के सैटेलाइट कैंपस में बेशक शिफ्ट किया जा रहा है, लेकिन उनकी डिग्री पर नाम एनआईटी श्रीनगर का ही रहेगा।
 
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500 छात्रों के स्थानांतरण को लेकर एनआईटी निदेशक की मेल वायरल

एनआईटी निदेशक की मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक मेल वायरल हुई है, जिसमें जयपुर एनआईटी में 500 बच्चों के स्थानांतरण की बात कही गई है। वहीं वायरल मेल मामले में एनआईटी के कुलसचिव का कहना है कि मेल में पांच सौ छात्रों को जयपुर एनआईटी स्थानांतरित करने पर विचार किए जाने की बात कही गई है, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी उनके पास नहीं है।  

अस्थायी परिसर स्थानांतरण की मांग के लिए आंदोलन करने वाले कुछ छात्रों को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने संबंधी खबर मीडिया में प्रकाशित हुई थी। एनआईटी उत्तराखंड के कुलसचिव कर्नल सुखपाल ने कहा कि छात्रों को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की कोई आधिकारिक जानकारी उनके पास नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया में वायरल हुए एनआईटी निदेशक की मेल के संबंध में कहा कि मेल में 500 छात्रों को जयपुर एनआईटी में स्थानांतरित करने पर विचार किए जाने की बात कही गई है।

छात्रों को स्थानांतरित नहीं किया गया है। कहा कि छात्रों का आंदोलन काफी लंबा चल गया है। आंदोलित छात्रों को कैसे वापस कक्षाओं में लाया जाए, एमएचआरडी (मानव संसाधन मंत्रालय) इस पर कोई विकल्प सोच रहा होगा। कुलसचिव ने बताया कि 146 बच्चे छात्रावासों में लौट चुके हैं, हालांकि कक्षाएं अभी भी नहीं चल रही हैं। कर्नल सुखपाल ने स्पष्ट किया कि न तो छात्र स्थानांतरित हो रहे हैं और न ही एनआईटी कैंपस स्थानांतरित हो रहा है।
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