महिलाओं के लिए शुरू हुई ‘निर्भया’ बस खस्ता हालत देखकर कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश अधिकारियों पर बिगड़ गईं।
बुधवार को उन्होंने सख्त नाराजगी जताई और बसों की हालत सुधारने का निदेर्श दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा।
वित्त मंत्री मंत्री इंदिरा हृदयेश बुधवार शाम खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल के साथ ‘निर्भया’ बस सेवा को हरी झंडी दिखाने आईएसबीटी पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि कम से कम निर्भया स्पेशल बस सेवा के तहत संचालित होने वाली बसों की स्थिति तो ठीक होनी चाहिए। निगम अधिकारियों को बसों की स्थिति का पूरा ब्यौरा बनाने के निर्देश दिए।
बाद में वित्त मंत्री आईएसबीटी परिसर का मुआयना करने आगे बढ़ीं तो जगह-जगह गंदगी देखकर नाराज हो गईं। उन्होंने परिवहन आयुक्त एम. रामास्वामी को निर्देश दिया कि आईएसबीटी का संचालन परिवहन निगम को सौंपने का प्रस्ताव भेजें।
फिलहाल इसका संचालन निजी कंपनी के हाथों में है। इस मौके पर केदारनाथ विधायक व संसदीय सचिव शैलारानी रावत ने पर्वतीय इलाकों में रोडवेज की बस सेवाएं बढ़ाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर नैनीताल विधायक सरिता आर्य, निगम के एमडी बृजेश कुमार, जीएम तकनीकी आशीष कुमार, जीएम संचालन दीपक जैन, कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री रामचंद्र रतूड़ी, दिनेश गुसाईं, प्रेम सिंह रावत आदि मौजूद थे।
बसों में महिला परिचालक
इन बसों में रोडवेज की महिला परिचालक तैनात हैं। पहली निर्भया स्पेशल बस सेवा देहरादून से ऋषिकेश और हरिद्वार के बीच चलाई गई। मंगलवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत को इस सेवा को हरी झंडी दिखानी थी। बुधवार को भी मुख्यमंत्री इसके लिए समय नहीं निकाल पाए।