सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहिया में पिछले नौ साल से हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से करीब 180 गांवों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। छोटी चोट और फ्रैक्चर होने पर भी मरीजों को उपचार के लिए विकासनगर रेफर करना पड़ता है। महिला विशेषज्ञ का पद भी खाली होने से क्षेत्र की महिलाओं को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा। इससे स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।
अस्पताल पहाड़ी क्षेत्र के करीब 180 गांवों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। इसके बावजूद यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ और महिला विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2018 से दोनों पदों की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। सामान्य चिकित्सक की तैनाती से महिलाओं को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन ऑपरेशन सहित विशेषज्ञ उपचार की सुविधाएं सीमित हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को भी दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
खेतीबाड़ी करने वाली महिलाओं को भी परेशानी
स्थानीय महिला बिंद्रा देवी, पूर्व प्रधान रणवीर सिंह चौहान, पूर्व उप प्रधान अमन कौर, रीतिका सेठी और मोनिका सब्बरवाल ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र की महिलाएं खेतीबाड़ी और पशुओं के लिए चारा जुटाने के दौरान कई तरह की शारीरिक परेशानियों से जूझती हैं। ऐसे में महिला विशेषज्ञ की कमी उनके लिए मुश्किलें बढ़ाती है। उन्होंने शासन-प्रशासन से दोनों पदों पर जल्द तैनाती की मांग की है।
दोनों चिकित्सकों के पदों के लिए क्षेत्रीय जनता की ओर से मांग आई है। प्राथमिकता के आधार पर जल्द चिकित्सकों की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी