बैंक से पैसे न मिलने के बढ़ी परेशानी
खाताधारकों ने पुलिस को भी लिखित शिकायत देकर बैंक से स्पष्टता की मांग की। उन्होंने कहा कि बैंक से पैसे न मिलने के कारण उनकी परेशानियां बहुत बढ़ गई हैं। कारोबार प्रभावित हो रहा है जिन्हें पैसे देने थे वह लगातार दबाव बना रहे हैं। खाताधारक नरेंद्र बत्रा ने बताया कि वह बीते 32 वर्षों से बैंक के खाताधारक हैं।
इससे पहले भी कई बार बैंक में आकर जानकारी लेने की कोशिश की थी, लेकिन बैंक अधिकारी कोई भी सूचना देने से बचते रहे हैं। ऐसे में खाताधारकों को चिंता सता रही है कि उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित है या नहीं। इससे बड़ा सवाल तो यह है कि आपातस्थिति में खाताधारकों को कैसे पैसे मिलेंगे।
खाताधारक मुकेश शर्मा ने बताया कि उनके सामने आर्थिक संकट आ गया है। बैंक कोई भी स्थिति साफ नहीं कर रहा है। बैंक को अपने खाताधारकों को स्पष्ट बताना चाहिए कि वह उनका पैसा कैसे और कब तक वापस करेगा।
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पांच साल पहले यस बैंक के खाताधारकों में मचा था हड़कंप : साल 2020 में भी आरबीआई की ओर से यश बैंक के निदेशक मंडल पर पाबंदी लगाने के बाद ग्राहकों में हड़कंप मच गया था। आलम यह था कि अपने रुपये निकालने के लिए खाताधारक सुबह आठ बजे ही बैंकों के बाहर जमा हो गए थे।