नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के पांच सदस्यीय पर्वतारोही दल ने नेलांग वैली की मुंबा पीक (5236 मीटर) पर सफलता पूर्वक आरोहण कर तिरंगा एवं संस्थान का ध्वज फहराया। निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में स्थित अनाम एवं अभी तक चढ़ी नहीं गई चोटियों पर आरोहण कर इस ओर पर्वतारोहियों को आकर्षित करने की मुहिम शुरू की है।
इसी क्रम में बीते साल गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में चार अनाम चोटियों पर सफल आरोहण के बाद निम का पांच सदस्यीय अभियान दल बीते 14 जुलाई को नेलांग वैली की मुंबा पीक पर आरोहण के लिए रवाना हुआ था। दो दिन नेलांग और एक जाढ़ूंग में ठहरकर वातानुकूलन के बाद दल ने 17 जुलाई को जाढ़ूंग से चोटी पर आरोहण शुरू किया। जाढ़ूंग से आगे कैंप-1 स्थापित कर दल में शामिल पांचों पर्वतारोहियों ने 18 जुलाई को मुंबा पीक पर सफल आरोहण कर तिरंगा और संस्थान का झंडा फहराया। दल में निम के प्रशिक्षक दीप शाही, हवलदार अनिल कुमार, निम की प्रशिक्षु देवेश्वरी बिष्ट, नवमी शामिल थे।
उत्तरकाशी लौटने पर टीम लीडर बिष्ट ने बताया कि दल ने बिना पोर्टरों की मदद के अल्पाइन स्टाइल में क्लाइंबिंग की। यह चोटी भारत-चीन सीमा (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) से 35 से 40 किमी दूरी पर है। इस कॉरिडोर में नागा पर्वत, जढ़ांग पर्वत, त्रिमुखी, सरूप चोटी आदि कई तिब्बतन प्लेटों वाली चोटियां हैं, जिनकी ऊंचाई समुद्र सतह से पांच से साढ़े छह हजार मीटर के बीच है। इन चोटियों पर अल्पाइन स्टाइल में पर्वतारोहण को बढ़ावा दिया जा सकता है। हालांकि इसमें फिलहाल इनर लाइन की बंदिश आड़े आ रही है।