स्थानीय निकाय चुनाव पर पैनी निगाह रखने के लिए राज्य चुनाव आयोग आज पर्यवेक्षकों की तैनाती कर देगा। ये पर्यवेक्षक चुनाव क्षेत्रों में आयोग की आंख और कान का काम करेंगे।
आयोग ने शासन से पर्यवेक्षकों के लिए नाम मांगे थे। शासन से आयोग को 50 अफसरों के नाम प्राप्त हो चुके हैं। आयोग इनमें से करीब 35 पर्यवेक्षकों की तैनाती करेगा। आयोग के सचिव रोशन लाल ने पुष्टि की है कि शुक्रवार तक पर्यवेक्षकों की तैनाती कर दी जाएगी।
शासन ने आयोग को जो सूची भेजी है, उसमें राज्य कर विभाग, वन विभाग व राज्य सचिवालय के अधिकारियों के नाम शामिल हैं। शुक्रवार को आयोग पर्यवेक्षकों की सूची जारी करेगा। साथ ही सूची में उन्हें दिए जाने वाले निकायों का भी ब्यौरा होगा। चुनाव प्रक्रिया के दौरान पर्यवेक्षकों की अहम भूमिका होगी। वे चुनाव से संबंधित सभी कार्यों और गतिविधियों पर आयोग की ओर से नजर रखेंगे।
खासतौर पर प्रत्याशियों के चुनाव खर्च पर उनकी खास नजर होगी। एक पर्यवेक्षक के पास दो या दो से अधिक निकायों का जिम्मा होगा। 27 अक्तूबर को नामांकन वापसी के बाद संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों की तस्वीर भी साफ हो जाएगी। पर्यवेक्षक इन बूथों में सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा करेंगे। वे चुनाव से संबंधित किसी भी तरह की शिकायत के लिए सहज उपलब्ध रहेंगे।