दिगमोहन नेगी, मनोहर पहाड़ी, मद्रासी भाई, गणेश खुगशाल (पौड़ी), संजय कुंडलिया, मदन मोहन डुकलान, सुनील उनियाल, मनीष सुंद्रियाल, अरुण शर्मा, जगराम, बालेंद्र तोमर, प्रमोद नौटियाल, सत्यदेव उनियाल, एएस पयाल (देहरादून), नीलम पांडेय, पूनम कैंतुरा (चौबट्टाखाल), सुशीला भंडारी (रुदप्रयाग), दुर्गेश लाल (पुरोला), गोविंद बड़थ्वाल (यमकेश्वर), कुलदीप रावत (केदारनाथ), मुरारी लाल खाड़वाल (प्रतापनगर), दौलत कुमार (चकराता), प्रकाश जोशी (सहसपुर), रविंद्र कुमार (खानपुर), सुमित कुमार (लक्सर), सुधा पटवाल (कोटद्वार), पीके अग्रवाल (सहसपुर), शेखरानंद मैंदोलिया, सुंदर सिंह चौहान (सतपुली), तेजस्व घुघितियाल (अल्मोड़ा), एसपी थपलियाल (हरिद्वार), सतीश सकलानी, कृष्णा उनियाल, विजय पंत, मनीष खुगशाल (सतपुली), भोपाल सिंह रावत, गोविंद सिंह बिष्ट (भीमताल), पीतांबर सिंह, दिनेश घुघतियाल (अल्मोड़ा)।
उत्तराखंड जनता मोर्चा इन मुद्दों को देगा धार
भू-अध्यादेश, पहाड़ की राजधानी पहाड़ पर, राजधानी गैरसैंण, प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क, पानी, पलायन, बेरोजगारी, विदेशी घुसपैठियों को बाहर करने, पर्यटन और तीर्थाटन का विकास, मूल निवास और भूमि बंदोबस्त, जल, जंगल जमीन बचाने की लड़ाई।
जनता मोर्चा में भाजपा के असंतुष्ट नेताओं की भरमार है। हालांकि कांग्रेस के कुछ नेता भी शामिल हैं। रानीखेत सीट पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की हार की मुख्य वजह बनने वाले प्रमोद नैनवाल भी मोर्चा में हैं।
इसी तरह, कविंद्र ईष्टवाल ने चौबट्टाखाल सीट पर सतपाल महाराज और महेंद्र प्रताप सिंह ने रायपुर सीट पर उमेश शर्मा के खिलाफ भाजपा के बागी उम्मीदवार बतौर चुनाव लड़ा था। हास्य कलाकार घनानंद भी भाजपा के टिकट पर पौड़ी से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन पिछले चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया गया था।
दिनेश धनै, जैन, आर्येंद्र, आशा ने किया किनारा
पूर्व मंत्री दिनेश धनै, रुड़की के पूर्व विधायक सुरेश जैन, सहसपुर सीट पर कांग्रेस के बागी उम्मीदवार आर्येंद्र शर्मा ने जनता मोर्चा के गठन से किनारा किया है। ये सभी नेता तीसरा मोर्चा बनाने के लिए पिछले दिनों ऋषिकेश में हुई बैठक में शामिल हुए थे। इसी तरह, केदारनाथ की पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने तीसरा मोर्चा के लिए सहमति तो दी थी, लेकिन वह न तो ऋषिकेश बैठक में आईं और न ही देहरादून आने में उन्होंने दिलचस्पी दिखाई।