बैठक को संबोधित करते प्रीतम सिंह
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स्थानीय निकाय चुनाव के मद्देनजर देहरादून से कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी दिनेश अग्रवाल के आवास पर गुरुवार को बैठक बुलाई गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया गया। दिनेश अग्रवाल के निवास में चल रही बैठक को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दिनेश अग्रवाल ने पार्टी का आग्रह स्वीकार किया। अग्रवाल के प्रत्याशी बनने से कांग्रेस आधी लड़ाई पहले ही जीत चुकी है। अब हमें एक जुट होकर जीत हासिल करनी होगी।
दिनेश अग्रवाल ने धर्मपुर विधानसभा के कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारी में जुटने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वह वोटरों को पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के बारे में बताएं। प्रदेश सरकार का कार्यकाल निराशाजनक है। शहर में विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। अतिक्रमण से आम लोगों सहित दुकानदारों की कमर पूरी तरह से टूट गई है। जिसका खामियाजा भाजपा को निकाय चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
वहीं कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के भाई की दून मेयर पद के लिए दावेदारी से पार्टी के कान खडे़ हो गए हैं। पार्टी नेतृत्व से उखडे़-उखडे़ चल रहे किशोर उपाध्याय की भूमिका पर पार्टी के भीतर तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने साफ किया कि किशोर उपाध्याय कभी पार्टी लाइन से बाहर नहीं जा सकते। इन स्थितियों के बीच उपाध्याय इस बारे में कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि भाई की दावेदारी की उन्हें जानकारी नहीं थी। निकाय चुनाव में अपनी भूमिका के सवाल पर उन्होंने जो कुछ कहा, वह यह बताने के लिए काफी है कि पार्टी नेतृत्व से वह बहुत खुश नहीं है। उन्होंने कहा-चुनाव में भूमिका तय की जाएगी, तो इसे निभाएंगे, नहीं तो वोट डालकर आ जाएंगे।
प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी खिसकने के बाद से किशोर उपाध्याय कांग्रेस की राजनीति में एक किनारे पर हैं। उत्तराखंड विमर्श जैसे कार्यक्रमों का आयोजन करके वह अपनी अलग राह पर चलते हुए भी दिखाई दिए हैं। इन स्थितियों के बीच कांग्रेस ने दून नगर निगम मेयर के पद पर पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल को प्रत्याशी बनाकर दमदार प्रदर्शन का दावा किया है। मगर किशोर उपाध्याय के भाई सचिन उपाध्याय की दावेदारी ने कई तरह के सवालों को जन्म दे दिया है। पार्टी इसके निहितार्थ तलाशने में जुट गई है। कहने वालों की कमी नहीं है कि सचिन के मार्फत कांग्रेस के पर्वतीय क्षेत्र के वोटरों में सेंधमारी का प्रयास किया जा रहा है। बुधवार को मीडिया से बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के सामने यह सवाल आया, तो उन्होंने उपाध्याय का पक्ष लेते हुए बहुत सारी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सचिन उपाध्याय ने कभी भी पार्टी का टिकट नहीं मांगा है। फिर भी इस संबंध में बात की जाएगी। इधर, उपाध्याय भाई की दावेदारी पर खुलकर बात करने के मूड में नहीं है।