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निकाय चुनाव 2018: मतदाता सूची से नाम गायब करने के दोषियों पर 15 दिन में होगी कार्रवाई

Mon, 19 Nov 2018 09:59 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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लिस्ट से नाम गायब होने पर विरोध करते वोटर्स
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बडे़ पैमाने पर मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम गायब होने के मामले का राज्य निर्वाचन आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने नाम गायब करने के दोषियों के खिलाफ 15 दिन में कार्रवाई की बात कही है। इस संबंध में जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं। आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने साफ कहा है कि जो भी इस तरह की गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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नगर निकाय चुनाव के लिए रविवार को हुए मतदान में बडे़ पैमाने पर मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम गायब मिले। यूं तो पूरे प्रदेश के निकायों से इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन राजधानी देहरादून में सबसे बुरी स्थिति देखने को मिली है। शिकायतें यहां तक हैं कि पूरे के पूरे मुहल्ले के नाम सूची से गायब हो गए हैं।

2013 के नगर निकाय चुनाव में जिन लोगों ने मतदान किया था, उनमें से कइयों के नाम इस बार सूची में नहीं मिले। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने गड़बड़ी के दोषियों पर 15 दिन के भीतर कार्रवाई की बात कही। आयोग के एक अफसर के मुताबिक जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

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मतदाता सूची से नाम गायब होने का चौतरफा विरोध

नगर निकाय चुनाव में मतदाता सूची में बेहिसाब नाम गायब होने का चौतरफा विरोध हो रहा है। सियासी दलों ने राज्य निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाकर आपत्ति दर्ज कराई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल इसे लोकतंत्र के लिए अच्छी स्थिति नहीं बता रहे हैं। मामला सियासी दलों के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि हर वर्ग इस संबंध में मुखर हो रहा है। सभी का एक ही बात पर जोर है। उनका मानना है कि पहले तो किसी एक मतदाता को भी उसके मताधिकार से वंचित करने की स्थिति बुरी है।

मगर जहां बहुत बडे़ स्तर पर मतदाताओं को उनके मत के अधिकार से वंचित किया गया हो, वहां पर ठोस कार्रवाई होनी ही चाहिए। दोषी कार्मिकों के लिए दंड की व्यवस्था तो कम से कम हो, चुनाव प्रक्रिया में ये भी सुधार होना चाहिए कि एक बार किसी मतदाता सूची में नाम दर्ज हो जाने के बाद उसे किसी भी सूरत में मताधिकार से वंचित न किया जा सके।
 
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दो लाख मतदाता रहे मतदान से वंचित: कांग्रेस 

नगर निकाय चुनाव में मतदाता सूची में नाम गायब होने के मामले में कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी ने राज्य निर्वाचन आयोग से की शिकायत में दावा किया है कि पूरे प्रदेश में दो लाख मतदाता नगर निकाय चुनाव में मतदान से वंचित रहे हैं। 

कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट से मुलाकात कर उन्हें शिकायती पत्र सौंपा। पार्टी ने कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता का नाम गायब होना उसके अधिकार पर डकैती के समान है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में पार्टी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल सोमवार दोपहर राज्य निर्वाचन आयोग पहुंचा। आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट से मुलाकात के दौरान उन्हें शिकायती पत्र सौंपा। इस मौके पर धस्माना ने कहा कि प्रदेश के कई जनपदोें और देहरादून नगर निगम क्षेत्र के लगभग हर मतदान केंद्र में मतदाता सूची में गड़बड़ियां सामने आई हैं।

अनेक वार्डों में पूरे मुहल्ले के नाम ही गायब कर दिए गए हैं। कई स्थानों पर पूरे परिवार का नाम सूची में नहीं था। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में मतदाता सूचियों को बनाने का काम होता है। ऐसे में बडे़ पैमाने पर गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदारी सुनिश्चित करते हुए समयबद्घ कार्रवाई की जानी जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री गोदावरी थापली, प्रदेश प्रवक्ता डॉ.आरपी रतूड़ी, गरिमा दसौनी, महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, महेश जोशी, प्रदेश सचिव परिणीता बडोनी, शांति रावत, सुनित राठौर, देवेंद्र बुटोला, लाखीराम बिज्लवाण, अनुज दत्त शर्मा आदि रहे।

 
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