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निकाय चुनाव 2018: खत्म हुआ प्रचार का शोर, अब घर-घर दस्तक दे रहे दिग्गज, पोलिंग पार्टियां रवाना

Sat, 17 Nov 2018 11:22 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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प्रचार थमा अब घर-घर जा रहे प्रत्यााशी - फोटो : अमर उजाला
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नगर निकाय चुनाव प्रचार पर बृहस्पतिवार शाम को विराम लगने के बाद अब राजनीतिक दल मतदाताओं तक पहुंचने के लिए घर घर दस्तक दें रहे हैं। वहीं पोलिंग पार्टियां शनिवार की सुबह रवाना हो गईं।

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भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य सियासी दलों ने बूथ प्रबंधन कर मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए ताकत झोंक दी है। भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने सभी मंत्रियों और विधायकों को चुनावी मोर्चे पर डटकर जीत के समीकरण साधने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कांग्रेस भी भाजपा के मजबूत गढ़ों में सेंधमारी का व्यूह रचने में लगी है। ऐसे में अब सियासी दलों के दिग्गज चुनावी मोर्चे पर अंतिम परीक्षा में पास होने का गणित भिडाएंगे। 

निकाय चुनाव को सियासी रणनीतिकार लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल मान कर चल रहे हैं। नतीजे तय करेंगे कि शहरी क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस का जनाधार कितना घटा या बढ़ा है। भाजपा का निकायों में अब तक अच्छा रिकार्ड रहा है, जबकि कांग्रेस बेहद कम अंतर से पिछड़ती रही है। इस बार प्रत्याशी चयन के बाद भड़की बगावत से दोनों और के समीकरण प्रभावित हुए हैं। बगावत थामने के लिए डैमेज कंट्रोल की कांग्रेस और भाजपा में तमाम कोशिशें हुई। भाजपा ने 59 कार्यकर्ताओं को बाहर किया, लेकिन ऋषिकेश और कोटद्वार जैसे बड़े निगमों में डैमेज कंट्रोल काम नहीं आया। वहीं कांग्रेस भी बगावत से जूझ रही है। अस्सी से अधिक कार्यकर्ताओं को कांग्रेस बाहर का रास्ता दिखाने के बाद भी चमोली और टिहरी जनपद में निर्दलीय उतरे बागी मुसीबत बढ़ा रहे हैं।

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भाजपा में जहां प्रचार के फ्रंट पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ही दिखाई दिए। जबकि अधिकांश मंत्री अपने गृह जनपदों से बाहर नहीं आ सके। हरिद्वार में मदन कौशिक, ऊधमसिंह नगर में यशपाल आर्य, ऋषिकेश में सुबोध उनियाल, कोटद्वार में हरक सिंह रावत, पिथौरागढ़ में प्रकाश पंत जैसे कद्दावर मंत्रियों की साख दांव पर लगी है।

ज्यादा समय दून में बिताने के बावजूद सीएम ने अन्य निकायों में का दौरा भी किया। पूर्व मुख्यमंत्रियों में रमेश पोखरियाल निशंक के प्रचार कार्यक्रम पार्टी ने जरूर जारी किये, लेकिन पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी और विजय बहुगुणा के कार्यक्रम जारी नहीं हुए। केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज जैसे कद्दावर नेता भी प्रचार में नहीं दिखे। हालांकि प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू और दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी स्टार प्रचारकों के तौर पर सियासी मैदान में जरूर दिखे। ऐसे में भाजपा की चुनावी रणनीति पूरी तरह से निगमों के प्रभारी मंत्रियों और मुख्यमंत्री के इर्द गिर्द ही घूमी।

इधर, कांग्रेस में  पूरे प्रदेश में प्रचार की कमान अध्यक्ष प्रीतम सिंह ही संभाले दिखाई दिये। हालांकि पूर्व सीएम हरीश रावत भी कुछ जगहों पर सक्रिय हुए। इसके अलावा स्टार प्रचारक डा. इंदिरा हृदयेश हल्द्वानी नगर निगम तक ही सीमित रही। कुछ एक जगहों पर प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह और सह प्रभारी राजेश धर्माणी ने भी कांग्रेस के प्रचार को तेज करने की कोशिश की। अब प्रचार की समय सीमा समाप्त होने के बाद दोनों प्रमुख दल वोट बैंक को साधन के लिए डोर टू डोर अभियान चलाएंगे। अगले दो दिन दोनों और के दिग्गज बूथ स्तर पर व्यवस्था मजबूत करने की रणनीति पर काम करना होगा। पार्टियों की असल चुनौती वोटरों को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने की है। 48 घंटे में दोनों ओर के रणनीतिकार कितने कारगर साबित होते हैं, इसका असर नतीजों पर दिखेगा। 
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आज रवाना हुई पोलिंग पार्टियां

नगर निकाय चुनाव में रविवार को होने वाले मतदान के लिए शनिवार को जिले के 871 मतदान स्थलों के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना हो गईं। नगर निगम देहरादून के 671 मतदान स्थलों के लिए रेंजर्स कॉलेज ग्राउंड से पोलिंग पार्टियां भेजी जाएंगी। वहीं, शुक्रवार को पोलिंग पार्टियों को निर्वाचन सामग्री का वितरण किया गया।
 
सुबह से शाम तक रेंजर्स कॉलेज ग्राउंड में नगर निगम दून के 671 मतदान स्थलों में तैनात पोलिंग पार्टियों को निर्वाचन सामग्री बांटी गई। जबकि नगर निगम ऋषिकेश, नगर पालिका विकासनगर, डोईवाला, मसूरी, हरर्बटपुर में तैनात पोलिंग पार्टियों को संबंधित निकाय क्षेत्रों में निर्वाचन सामग्री दी गई। जिला निर्वाचन अधिकारी एसए मुरुगेशन ने बताया कि शनिवार को पोलिंग पार्टियां मतपत्र, मतपेटी के साथ पोलिंग बूथ के लिए रवाना होंगी।
 
नगर निगम ऋषिकेश में 90, नगर पालिका मसूरी में 28, विकासनगर में 22 व डोईवाला में 49, नगर पालिका हरबर्टपुर में 11 मतदान स्थल हैं। उन्होंने बताया कि जिले के छह निकायों में चुनाव के लिए 871 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। हर मतदान केंद्र में दो मतपेटियों की व्यवस्था की गई है। मेयर, अध्यक्ष, सभासद व सदस्य पद के लिए मतपत्र एक ही पेटी में डाले जाएंगे। इस चुनाव के लिए पंचास्थानी निर्वाचन कार्यालय ने करीब 1800 से अधिक मतपेटियों की व्यवस्था की है। 
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