प्लास्टिक कचरे से पर्यावरण को बचाने के लिए नेस्ले मैगी और अमर उजाला ने देहरादून और मसूरी में इस साल 15 सितंबर से शुरू एक खास अभियान ‘2 मिनट सफाई के नाम’ की शुरुआत की थी। इसके तहत प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। इस विशेष अभियान के तहत प्रत्येक वह व्यक्ति, जो मैगी के 10 खाली पैकेट जमा कराएगा, उसे एक नया फ्री मैगी पैकेट दिया गया।
इस पहल के बारे में जनता को सूचित करने और उपभोक्ताओं और खाद्य विक्रेताओं को कचरे को निपटाने के लिए संवेदनशील बनाने के लिए प्रिंट, सोशल मीडिया, बिलबोर्ड और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से एक मजबूत अभियान भी चलाया गया।
यह अभियान बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सही प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के मुद्दे को हल करने के लिए कई हितधारकों को एक साथ एक मंच पर लाया। कारपोरेट हाउस, मीडिया पार्टनर, एनजीओ, स्कूल, विश्वविद्यालय, आरडब्ल्यूए, खुदरा विक्रेता, मैगी पॉइंट के मालिक सभी मसूरी और देहरादून के पहाड़ी शहरों को साफ रखने के उद्देश्य से एक साथ आगे आए।
नेस्ले इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट कारपोरेट अफेयर्स संजय खजुरिया का कहना है कि प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के इस मुद्दे को एक स्टेक होल्डर द्वारा स्वतंत्र रूप से नहीं किया जा सकता है। इसके लिए उपभोक्ताओं, प्राइवेट सेक्टर, सरकार, शैक्षिक संस्थानों सभी को सामूहिक रूप से मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
मसूरी और देहरादून में हमने इस दिशा में इस पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से पहला कदम उठाया। हमें और सभी स्टेकहोल्डर्स को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में जुड़ना ही चाहिए। इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन के आशीष जैन का कहना है कि पिछले दो महीने में हम देहरादून और मसूरी के 250 रिटेलर्स के पास गए और प्लास्टिक कूड़े को एकत्र किया। धीरे-धीरे रिटेलर्स और मैगी प्वाइंट मालिकों ने भी इस क्षेत्र में जिम्मेदारी दिखानी शुरू की है।