रुद्रपुर ट्रांजिट कैंप में हुए कार्यक्रम में कांग्रेस नगर उपाध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने समर्थकों के साथ मेयर प्रत्याशी रामपाल सिंह, विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व सांसद बलराज पासी के समक्ष पार्टी की सदस्यता ली। विधायक ने कहा कि भाजपा सभी वर्गों की हितैषी है। आगामी चुनाव से पहले कई और कांग्रेसी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होंगे। कांग्रेस छोड़ने वालों में जोगिंदर सिंह, हरी रंजन, पिंटू, कांता प्रसाद, राम बहादुर, प्रेम नारायण, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, कुमार गुप्ता, कल्याण सिंह,भगत,सुभाष, हर शिव रस्तोगी, रजत गुप्ता, अभय शर्मा, मोनू चंदा, गोपाल दास, भगवान दास, अनिल गुप्ता, जगदीश राठौर, सेवाराम, सुरेश सिंह, विजयपाल यादव, सुरेश ठाकुर, लालता प्रसाद राठौर, मुकेश राठौर आदि थे।
कांग्रेस के किले में भी सेंधमारी
रुद्रपुर रम्पुरा वार्ड में भी भाजपा ने कांग्रेस के किले में सेंधमारी की है। कांग्रेस नेता छेदालाल पाल, पूर्व सभासद हरपाल सिंह अपने दर्जनों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। पूर्व सांसद बलराज पासी, जिला उपाध्यक्ष नत्थूलाल गुप्ता, नगर महामंत्री शैलेंद्र कोली, तरुण दत्ता ने पार्टी में आए लोगों का माल्यार्पण किया। भाजपा में शामिल होने वालों में संजय सिंह, रामधन, बांकेलाल, नैन सिंह नायक, देवेंद्र, मान सिंह, दिनेश कोली, योगेंद्र कोली, चंदन वाल्मीकि, मोनू शर्मा, आशू, अजय वाल्मीकि, प्रतीक, संदीप, दीपक राना, संदीप गुप्ता, विवेक गुप्ता, दीपक मौर्या, अजय सागर, प्रिंस सैनी, मुकेश शर्मा, ब्रजेश, धर्मवीर, विजय भारती रहे।
रामनगर के पूर्व पालिकाध्यक्ष भगीरथ लाल चौधरी ने कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होकर रामनगर पहुंचे भगीरथ लाल चौधरी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए।
हल्द्वानी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के समक्ष भगीरथ लाल चौधरी भाजपा में शामिल हुए। इसके बाद रामनगर पहुंचने पर पूर्व पालिकाध्यक्ष का भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। भाजपा की सदस्यता लेने के बाद बुधवार को पूर्व पालिकाध्यक्ष ने भाजपा प्रत्याशी रूचि गिरी शर्मा के समर्थन में भवानीगंज में पहली चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज फिर से चुनावी माहौल में विपक्ष के लोग जनता को ठगने के लिए आ रहे हैं।
पूर्व पालिकाध्यक्ष भगीरथ लाल चौधरी ने विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले ही भाजपा को छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामा था, लेकिन निकाय चुनाव में कांग्रेस से उन्हें अध्यक्ष पद पर उम्मीदवार नहीं बनाए जाने को लेकर वह पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से खासे नाराज थे। उन्होंने निर्दलीय तौर पर अध्यक्ष पद पर अपनी दावेदारी भी पेश की थी, लेकिन नगरपालिका द्वारा उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र न दिए जाने को लेकर उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया था।