दंपति रोशन जहां और असरफ अली ने नगर निगम के वार्ड संख्या-29 व 30 से पार्षद पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है।
नामांकन पत्रों की जांच शुरू होने के कुछ देर बाद ही अखिलेश मिश्रा नामक व्यक्ति ने निर्वाचन अधिकारी धनपत कुमार को शिकायती पत्र देकर कहा कि उक्त दंपति के पांच बच्चे हैं, जिसमें से एक बेटी अलीशा का जन्म वर्ष 2005 में हुआ है।
ऐसे में दंपति चुनाव लड़ने के योग्य नहीं है। चुनाव अधिकारी धनपत कुमार ने पार्षद पद के दावेदार दंपति के नामांकन पत्रों की जांच की तो पता चला कि उक्त दंपति के पांच बच्चे हैं, लेकिन सभी बच्चों का जन्म वर्ष 2001 से पहले हुआ दर्शाया गया है।
शिकायकर्ता ने लाइफ लाइन प्राथमिक विद्यालय की ओर से अलीशा को जारी स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) की प्रति भी संलग्न हैं, जिसमें अलीशा की जन्म तिथि 2005 दर्शाई गई है।
काफी माथापच्ची के बाद निर्वाचन अधिकारी ने रोशन जहां और असरफ अली को कार्यालय तलब किया और पूछताछ की। दंपति ने बताया कि अलीशा नाम की उनकी कोई बेटी है ही नहीं। उनकी बेटी का नाम आयशा है, जिसका जन्म 2001 से पहले का है। बाद में निर्वाचन अधिकारी ने शिकायत कर्ता को बुलाया तो दोनों पक्षों अपनी अपनी बात पर अड़ गए।
चुनाव अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि जिस वार्ड के प्रत्याशियों के दावे पर आपत्ति लगी है उसके नामांकन पत्रों की जांच शुक्रवार को होनी है। लिहाजा इस शिकायत की जांच भी शुक्रवार को ही होगी। जांच के बाद ही कोई फैसला होगा।
यह है नियमावली
2003 के बाद अगर किसी दंपति के दो से ज्यादा बच्चे हैं तो वह चुनाव नहीं लड़ सकेगा। परिवार नियोजन का यह फार्मूला ऐसे लोगों पर भारी पड़ रहा है जिनके 2003 के बाद तीसरी संतान पैदा हुई है। हालांकि इस नियमावली के दायरे में वे लोग नहीं आएंगे, जिनके बच्चों का जन्म 2003 से पूर्व का है।