जौनसार-बावर जनजातीय क्षेत्र में न्याय के देवता माने जाने वाले चारों महासू भाइयों का पवित्र जागड़ा पर्व सोमवार को पूरी भव्यता और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस महापर्व में शामिल होने के लिए रविवार को ही विभिन्न गांवों और आसपास के देवस्थानों में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। भक्तों ने देव दर्शन कर रातभर जागरण किया और पारंपरिक पांडव नृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
जौनसार-बावर के साथ ही पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के सिरमौर क्षेत्र में भी महासू देवताओं के जागड़े को लेकर विशेष आस्था और परंपरा है। भाद्रपद मास में मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर क्षेत्र के थैना, गवेला, पंचरा-भंजरा, सलगा, वोहा, कोटी, उपरोली, लखवाड़, बिसोई, लक्ष्यार, ठगरी, तारली और अस्टी समेत कई गांवों में स्थित बोठा महासू देवता के मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। वहीं, खत कोरू के कचटा गांव सहित निचली खत पट्टियों में विराजमान चालदा महासू देवता के दरबार में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। रविवार को लोग अपनी मन्नतों और आस्था के साथ मंदिरों में पहुंचे और देवता के नाम का जागरण किया।
भीड़ से बिगड़ा यातायात, जाम और ओवरलोडिंग से जूझे लोग
जागड़ा पर्व में उमड़े श्रद्धालुओं के सैलाब का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर देखने को मिला। वाहनों के भारी दबाव के कारण साहिया बाजार में रविवार सुबह से लेकर देर शाम तक भीषण जाम की स्थिति बनी रही। सबसे बुरा हाल साहिया-क्वानू और साहिया-चकराता मोटर मार्ग का रहा। बार-बार लग रहे जाम को खुलवाने के लिए पुलिस के जवानों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दूसरी ओर, वाहनों की कमी के चलते पूरे दिन बड़े पैमाने पर धड़ल्ले से ओवरलोडिंग भी होती रही, जिससे यात्रियों को जोखिम भरा सफर करना पड़ा।