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एनएच-74 घोटाला: दो कारोबारियों ने लौटाया आठ लाख का मुआवजा

Wed, 21 Aug 2019 08:38 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला,  रुद्रपुर
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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एनएच-74 के चौड़ीकरण को लेकर दानपुर में अधिग्रहीत जमीन की एवज में लिया गया आठ लाख 12 हजार 990 रुपये का मुआवजा हल्द्वानी के दो कारोबारियों ने लौटा दिया है। जिस जमीन पर मुआवजा लिया गया था, वह मुआवजा लेते हुए कारोबारियों के नाम पर दर्ज थी और चकबंदी कोर्ट ने निरस्त कर काबिज काश्तकार के नाम पर वर्ग चार में दर्ज करने के आदेश दिए थे। एसएलओ ने एक पखवाड़े पूर्व दोनों कारोबारियों को मुआवजा वापस करने के लिए नोटिस जारी किया था। 

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दरअसल हल्द्वानी के दो कारोबारियों ने कुछ साल पहले दानपुर जमीन खरीदी थी। करीब 10 बीघा जमीन कारोबारियों के नाम पर वर्ग एक श्रेणी में दर्ज हो गई थी। इसके बाद एनएच-74 के नोटिफिकेशन के बाद कारोबारियों की जमीन भी अधिग्रहीत हो गई थी। अधिग्रहीत जमीन की एवज में दोनों कारोबारियों ने आठ लाख 12 हजार 990 रुपये का मुआवजा हासिल किया था लेकिन दशकों पहले पट्टे के रूप में आवंटित हुई जमीन पर डेढ़ दशक से अधिक समय से विवाद चल रहा था।

वर्ष 2001 में चकबंदी कोर्ट ने जमीन को राज्य सरकार के नाम दर्ज करने के बाद मौके पर काबिज काश्तकार के नाम वर्ग चार श्रेणी में दर्ज करने के आदेश दिए थे। वर्ष 2017 में राजस्व परिषद न्यायालय ने चकबंदी कोर्ट के फैसले को सही करार दिया था। मामला संज्ञान में आने के बाद एसएलओ दफ्तर ने दोनों कारोबारियों को मुआवजा एक हफ्ते के भीतर लौटाने का नोटिस जारी किया था। बताया जा रहा है कि अपने नाम दर्ज जमीन को खारिज करने के फैसले के खिलाफ कारोबारियों ने कोर्ट की शरण ली है। फिलहाल कारोबारियों ने मुआवजा राशि लौटा दी है। एसएलओ नरेश दुर्गापाल ने दोनों कारोबारियों के रुपये लौटाने की पुष्टि की है।

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