पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेसी नेता तिलक राज बेहड़ मंगलवार को सचिवालय परिसर में धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। काफी देर मनाने के बाद भी जब वे नहीं मानें तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
बाद में बेहड़ को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। उनका कहना था कि रुद्रपुर सब्जी मंडी में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत नगर आयुक्त की ओर से कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह गलत है। वे इस दौरान सीएम से मुलाकात करने की जिद पर अड़े रहे। इस पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और पुलिस लाइन ले आई। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
बेहड़ पर पुलिस कार्रवाई की कांग्रेस के नेताओं को जैसे ही सूचना मिली, वे भी पुलिस लाइन पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर विपक्ष का उत्पीड़न किया जा रहा है।
पुलिस लाइन पहुंचने वालों में पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यंकांत धस्माना, लाल चंद्र शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता डॉ.आरपी रतूड़ी, गरिमा दसौनी, राजेंद्र भंडारी, राजेश शर्मा, संजय भट्ट, शांति रावत, रेनू नेगी, सुरेंद्र रांगड़, महेश जोशी, किशोरी लाल शर्मा, ललित भद्री, सुलेमान अली प्रमुख रूप से शामिल थे।