एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में अधिकारियों और कर्मचारियों को जेल भेजने के बाद अब एसआईटी ने किसानों पर भी शिकंजा कसते हुए बाजपुर तहसील के मुढियामनी गांव के किसान दिलबाग सिंह और महेशपुरा निवासी हीरालाल को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद दोनों को नैनीताल जिला जज की अदालत में पेश किया गया जहां से दोनों को एक अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार दोनों किसानों पर बैक डेट में अपनी भूमि का 143 कराकर मुआवजे के रूप में लाखों रुपये हड़पने का आरोप है। इससे पहले एसआईटी आठ करोड़ मुआवजा लेने वाले दो काश्तकारों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण नरेंद्र दत्त की अदालत में बुधवार को एनएच प्रकरण से जुड़े आरोपी प्रिया शर्मा और सुधीर चावला के मामले में भी सुनवाई की जाएगी।
इसके अलावा, एसआईटी ने काशीपुर और जसपुर तहसील के 18 किसानों के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट और तीन के खिलाफ कुर्की आदेश लिया है। जिन तीन किसानों की कुर्की का आदेश लिया गया है, उनमें काशीपुर तहसील स्थित आईटीआई क्षेत्र निवासी किसान विक्रमजमीत सिंह, मनदीप सिंह और कुंडा निवासी दिलबाग सिंह शामिल हैं। वहीं, आठ किसानों के खिलाफ एसआईटी ने पहले से ही एनबीडब्ल्यू ले रखा है।
एसआईटी के विवेचक एवं सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार ने बताया कि कुर्की आदेश मिलने के बाद अब तीनों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा केलाखेड़ा एसओ वीरेंद्र रमोला के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को केलाखेड़ा के गांव माधोगंज फार्म में एक किसान प्रभुसरन सिंह उर्फ पीएस गौराया के घर दबिश दी। लेकिन, दबिश की भनक लगते ही किसान फार्म हाउस की दीवार फांदकर फरार हो गया। दिलबाग के खिलाफ बैक डेट में भूमि का 143 कर 12 लाख 17 हजार 700 रुपये और हीरालाल के खिलाफ कृषि भूमि पर अकृषि दर से 41 लाख 28 हजार 300 रुपये का मुआवजा हड़पने का आरोप है।