रिपोर्ट के आधार पर एसआईटी ने दोनों अफसरों से देहरादून में पूछताछ भी की। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर 11 सितंबर को शासन ने दोनों अफसरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की थी। पूछताछ में दोनों अफसरों की ओर से आर्बिट्रेशन में दिए गए फैसलों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत बताया गया।
इसके बाद एसआईटी ने दोनों के खिलाफ और साक्ष्य जुटाने के लिए उनके कार्यकाल में तैनात रहे पेशकार से तीन बार पूछताछ की। साथ ही आर्बिट्रेशन के मामलों में पैरवी करने वाले कुछ अधिवक्ताओं से भी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार उक्त लोगों से पूछताछ में एसआईटी के हाथ कुछ महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं, जिनमें दोनों अफसरों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। फिलहाल एसआईटी ने उक्त जांच रिपोर्ट भी शासन को भेज दी है।