जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए कोर्ट पहुंचे एनएच-74 मुआवजा घोटाले के आरोपी किसान बलदेव सिंह ने स्वीकार किया कि एसएलओ डीपी सिंह और अन्य अधिकारियों ने 72 लाख रुपये बतौर कमीशन लिए थे। बलदेव सिंह ने कहा था कि उसे गुमराह करके कब्जे वाली जमीन के 1.30 करोड़ रुपये मुआवजा मंजूर किया गया और मुआवजे की राशि खाते में आने से पहले उससे 36-36 लाख रुपये के दो चेक ले लिए गए थे। मुआवजा आने के बाद डीपी सिंह ने इन चेकों का प्रयोग कर 72 लाख रुपये बतौर रिश्वत एक्सिस बैंक सितारगंज में उसके खाते से निकाल लिए।
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाला मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम नरेंद्र दत्त की अदालत में मौजूद ऊधमसिंह नगर जिले के गांव चीकाघाट निवासी किसान बलदेव सिंह ने 164 के तहत बयान दर्ज कराने का अनुरोध किया। जिला जज नरेंद्र दत्त की अदालत में बलदेव ने कहा कि बीते दिनों भी उसने धारा 164 के तहत अपने बयान दर्ज करने की बात कही थी, लेकिन जेल में बंद कुछ लोगों ने उसे डरा दिया था, जिस कारण वह सीजेएम कोर्ट में बयान देने से मुकर गया था।
बलदेव ने बताया कि मुआवजा मिलने से पहले तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह, एसडीएम भगत सिंह फोनिया, तहसीलदार मोहन सिंह और कर्मचारी संतराम ने उससे कहा था कि उसके कब्जे वाली जमीन को वह कृषि से अकृषक दिखा देंगे। आरोपी अधिकारियों ने उससे सादे कागजों पर हस्ताक्षर भी करवाए थे। मुआवजा राशि आने से पहले अधिकारियों ने उससे कहा था कि उसके खाते में ज्यादा पैसे आ गए हैं। चार लाख रुपये सरकार को लौटाने होंगे और उससे दो ब्लैंक चेक ले लिए। मुआवजा आने के बाद एसएलओ डीपी सिंह ने चेकों से 72 लाख रुपये उसके खाते से निकाल लिए। बलदेव ने कहा कि वह न्यायालय के सामने अपने बयान दर्ज कराना चाहता है। किसान की बात सुनने के बाद जिला जज नरेंद्र दत्त ने सीजेएम मुकेश चंद्र को निर्देश दिए कि वह 164 के तहत उसके बयान दर्ज कर लें।
वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने कोर्ट को बताया कि डीपी सिंह और अन्य आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत अवैध कब्जेदार किसान के खाते में मुआवजे की राशि डाली और कमीशन लिया। उन्होंने बताया कि बलदेव के जमानत प्रार्थना पत्र पर अगली सुनवाई 25 जून को होगी। पिछली तिथि पर आरोपी बलदेव के अधिवक्ता ने कोर्ट से निवेदन किया था कि 22 जून को होने वाली जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान आरोपी किसान बलदेव को भी कोर्ट बुलाया जाए। इसके बाद शनिवार को पुलिस ने किसान को कोर्ट में पेश किया था। पेशी के दौरान किसान ने 164 के बयान दर्ज कराने की इच्छा जताई।