ईडी के अनुसार बलवंत सिंह और बरिंद्र सिंह ने भूमि मुआवजे के रूप में मिले नौ करोड़ और हरजिंद्र सिंह ने एक करोड़ की राशि को जसदीप सिंह गोराया और महक कौर ने बैंक खाते में ट्रांसफर किया है। इस राशि को पेपर मिल में लिया है। रमेश कुमार ने मुआवजा राशि को परिवार के सदस्य के नाम से फिक्स डिपॉजिट किया था।
215 करोड़ का भूमि अधिग्रहण घोटाला
एनएच-74 घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी की चार्जशीट में 215.11 करोड़ का घोटाला पाया गया है। जिसमें किसानों को निर्धारित रेट से कई गुना अधिक मुआवजे का भुगतान किया गया।