एनजीटी और नागरिक उड्डयन विभाग ने नियमों का पालन नहीं करने पर केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा संचालित करने वाली 9 कंपनियों की सेवा पर एक दिन के लिए रोक लगा दी।
विभागों ने कंपनियों से सुरक्षा संबंधी जानकारी मांगी थी। अगर मंगलवार शाम तक भी कंपनियां जानकारी नहीं देती हैं तो बुधवार को भी हेली सेवा कि उड़ान पर रोक लगाई जा सकती है।
बीते 3 मई से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में गुप्तकाशी, मैखंडा, शेरसी आदि स्थानों से 13 हेली कंपनियों की ओर से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई थी। जून के बाद 4 कंपनियां वापस लौट गई थी। जबकि इंडोकॉप्टर, ट्रांस भारत, आर्यन, पवनहंस, ऐरो एयर क्राप्ट, सुमित एविएशन, हिमालयन, हेरीटेज और ग्लोबल वेक्ट्रा की ओर से इन दिनों सेवा संचालित की जा रही है।
इन कंपनियों को एनजीटी व यूकाडा ने सेंचुरी क्षेत्र (गौरीकुंड से केदारनाथ तक) में उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर ऊंचाई, ध्वनी, हेलीकॉप्टर में जरूरी सुरखा उपकरण, हेलीपैड पर अग्निशमन सहित मेडिकल स्टाफ की तैनाती के बारे में जानकारी देने के लिए कुछ दिन पूर्व निर्देश जारी किए थे।
इन कंपनियों को 11 सितंबर तक पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया था, लेकिन किसी ने भी जानकारी नहीं दी। इस पर एनजीटी और यूकाडा ने रोष जताते हुए, इन सभी कंपनियों की हेलीकॉप्टर सेवा पर 12 सितंबर को एक दिन की रोक लगाते हुए तत्काल जानकारी उपलब्ध नहीं होने पर कड़ी कार्र्रवाई की चेतावनी भी दी है।
डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि सभी हेली कंपनी प्रबंधन की ओर से बुधवार तक हरहाल में मांगी गई सभी सूचनाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है। अगर, ऐसा नहीं हुआ तो, एनजीटी व यूकाडा कंपनियों की हेली सेवा पर लंबी रोक लगा सकती है।
दूसरी तरफ गुप्तकाशी हेली कंपनी प्रबंधन ने आपात बैठक आयोजित कर संबंधित मामलों पर चर्चा की। वहीं हेली सेवाएं बंद रहने से 600 से 800 यात्री केदार दर्शन को नहीं पहुंच सके।