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एनजीटी ने पूछा, 'गंगा किनारे अब तक कितने होटल हुए बंद'

Tue, 15 Mar 2016 02:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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एनजीटी
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूछा है कि अब तक आदेश के मुताबिक बिना अनुमति वाले कितने होटलों को बंद किया गया। गोमुख से हरिद्वार तक गंगा किनारों पर बिना अनुमति संचालित व प्रदूषण फैलाने वाले होटलों पर ट्रिब्यूनल ने कार्रवाई का निर्देश दिया था।
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एनजीटी का यह निर्देश हरिद्वार के होटल पार्क प्राइम के खिलाफ दाखिल याचिका के बाद आया है। बेंच ने दो दिनों के भीतर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बंद किए गए होटलों की सूची मांगी है। वहीं होटल पार्क प्राइम को नोटिस भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।

जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को महावीर सिंह व एडवोकेट जीसी त्यागी की ओर से दाखिल याचिका पर विचार के बाद यह निर्देश दिया। बेंच ने अपने निर्देश में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वकील को कहा है कि वह निर्देश लेकर आएं और होटल पार्क प्राइम के वास्तविक दस्तावेज पेश करें।
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बीते वर्ष 10 दिसंबर को दिया था निर्देश
बेंच ने बीते वर्ष 10 दिसंबर को गोमुख से हरिद्वार तक स्वच्छ गंगा के लिए विस्तृत आदेश दिया था। इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ऐसे होटलों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था जो बोर्ड से बिना अनुमति लिए संचालित हो रहे हैं। साथ ही इनके जरिये निकासी किए जाने वाले अपशिष्ट पर भी रोकथाम का निर्देश दिया था।

उत्तराखंड ने मांगा समय
मालूम हो कि एनजीटी स्वच्छ गंगा के लिए चार चरणों में आदेश को सुनाएगा। इसमें पहले चरण के तहत गोमुख से हरिद्वार तक गंगा क्षेत्र के लिए फैसला सुनाया जा चुका है। वहीं उत्तराखंड ने एनजीटी से गुहार लगाई है कि उसे आदेशों का अनुपालन करने के लिए और वक्त दिया जाए। एनजीटी के जरिये दिए गए समयावधि में आदेशों का अनुपालन नहीं किया जा सकता।
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