जीवनदायिनी माने जाने वाली 108 सेवा की वजह से अब लोगों की जान आफत में पड़ती जा रही है। इस बार 108 नहीं मिलने की वजह से मालासीमा गांव में एक नवजात की जान चली गई।
यहां फोन करने के बाद भी जब 108 सेवा उपलब्ध नहीं हुई तो गांव के लोग प्रसव पीड़िता को दो किमी तक डोली पर बैठाकर लाए और वहां से एक निजी जीप से महिला को थल अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन जीप में ही महिला का प्रसव हो गया और बच्चे की मौत हो गई।
थल के महिला अस्पताल में वर्ष 2004 से डॉक्टर नहीं है। महिला की देखरेख एएनएम और स्टाफ नर्स कर रही हैं। बताया गया कि मालासीमा गांव के उमेद सिंह की पत्नी हंसा देवी को बुधवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई।