परिजनों का आरोप है कि टीकाकरण से पूर्व परिजनों ने एएनएम को बच्चे को बुखार होने की बात बताई थी। इस पर एएनएम ने टीकाकरण से बच्चे को कोई भी नुकसान न होने की बात कह टीका लगा दिया।
आरोप लगाया कि टीकाकरण के बाद देर रात को बच्चे की तबियत बिगड़ गई। बच्चे की नाक से खून निकलने लगा। उसका शरीर नीला पड़ गया। इसके कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई।
वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. केके शर्मा का कहना है कि क्षेत्र के करीब 16 बच्चों को वही वैक्सीन दी गई है, जो मृत शिशु को दी गई थी। ऐसे में बच्चे की मौत दवाई के कारण हुई है यह साफ-साफ नहीं कहा जा सकता।
बच्चे के परिजनों ने पोस्टमार्टम की बात को ठुकरा दिया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच करने पहुंची टीम में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उत्तम सिंह चौहान, बाल रो विशेषज्ञ डॉ. विजय सिंह शामिल रहे।
पिता ने की हाथ की नस काटने की कोशिश
बच्चे की मौत से उसका पिता जावेद इतना टूट गया कि उसने ब्लेड से अपने हाथ की नस काटने की कोशिश तक कर डाली, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने उसे ऐसा करने से रोक दिया। जावेद का कहना है कि डेढ़ माह पूर्व ही उसके बेटे का जन्म हुआ था, लेकिन पल भर में ही उसकी सारी खुशियां मातम में बदल गई। वहीं, मां रुखसार का रो-रोकर बुरा हाल है।