नए साल के जश्न के बीच सोमवार को शहर के अस्पतालों में किलकारियां गूंजी तो परिजनों और स्टाफ ने भी खूब खुशियां मनाईं। कुछ गर्भवतियों ने साल के पहले दिन प्री प्लांड डिलिवरी भी करवाई। वहीं कुछ गर्भवतियों को प्रसवपीड़ा होने पर अस्पताल आना पड़ा और साल के पहले दिन उन्होंने नवजात को जन्म दिया।
एक जनवरी को नवजात का जन्म होने से अस्पतालों में भी बधाई देने वालों को तांता लग गया। दून अस्पताल के एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि नए साल पर पहले दिन अस्पताल में 17 नवजातों ने जन्म लिया। इसमें दो जुड़वा बहनें भी शामिल हैं। वहीं, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में नौ नवजातों का जन्म हुआ है।
प्रसव सिजेरियन होने पर करवाई जा सकती है प्रीप्लांड डिलिवरी
इसमें छह लड़के और तीन लड़कियां हैं। वहीं, कोरोनेशन अस्पताल में एक नवजात ने जन्म लिया है। यह गर्भवती रविवार को अस्पताल में भर्ती हुई थी। रात 12 बजे के बाद गर्भवती ने नवजात को जन्म दिया है। जच्चा और बच्चा की हालत ठीक है।
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डॉक्टरों के मुताबिक जिन गर्भवतियों की गर्भावस्था का समय पूरा हो गया होता है और प्रसव का समय नजदीक होता है, उन्हें भर्ती कर लिया जाता है। जिनका प्रसव सिजेरियन होता है उनकी प्रीप्लांड डिलिवरी करवाई जा सकती है।