नए साल में प्रदेश के 709 स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू होगी। वहीं 600 स्कूलों को वर्चुअल क्लासरूम से जोड़ा जाएगा। समग्र शिक्षा अभियान के अपर परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती के मुताबिक प्रदेश के 500 स्कूलों को वर्तमान में वर्चुअल क्लासरूम से जोड़ा गया है।
जबकि 600 अन्य स्कूलों को नए साल में इससे जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 709 स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम शुरू होंगे। वहीं लगभग 200 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा का पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। जिसमें विभिन्न और ट्रेड शामिल किए जाएंगे।
कॉलेजों में शत-प्रतिशत फैकल्टी देंगे इस साल : डॉ धन सिंह
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नए साल की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नए साल में प्रदेश के कॉलेजों में शत प्रतिशत फैकल्टी दी जाएगी। इसके अलावा सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में वाईफाई की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वह शिक्षा गुणवत्ता में महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का संकल्प लेते हैं।
स्कूल-कॉलेजों को ‘नए सवेरे’ की आस
नया साल शुरू हो रहा है तो महीनों से छात्रों से महरूम स्कूल-कॉलेजों को भी ‘नए सवेरे’ की आस जगने लगी है। 2020 में कोरोनाकाल के चलते स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए। कोरोना के बढ़ते ग्राफ के कारण छात्रों को स्कूल-कॉलेज बुलाना संभव नहीं हो सका। अब नए साल में कोरोना संक्रमण से मुक्ति मिलने की उम्मीद की जा रही है।
वर्ष 2020 शिक्षा के लिए बेहद बुरा रहा है। स्कूल-कॉलेज छात्रों के लिए बंद रहे। ऑनलाइन कक्षाओं के जरिये पढ़ाई हो रही है। संसाधनों की कमी के चलते कई छात्र ऑनलाइन कक्षा के लाभ से भी वंचित हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। वहीं, स्कूलों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। छात्र, अभिभावक व स्कूल प्रबंधन चाहते हैं कि नए साल में कोरोना से मुक्ति मिले और शिक्षण संस्थान खुल सकें। यह सबके हित में है।
ई-एजुकेशन से जुड़ेंगे छात्र
नया साल शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों के छात्रों के लिए भी अच्छा रहने की उम्मीद है। विद्या एजुकेशन एप के माध्यम से छात्रों को ई-एजुकेशन से जोड़ने की तैयारी है। इस एप में सभी कक्षाओं का पाठ्यक्रम मुहैया कराया है। इसके अलावा जेईई, नीट, बैंकिंग कोचिंग, काउंसिलिंग व कई अन्य सुविधाएं निशुल्क ली जा सकेंगी। इससे सामान्य स्कूलों के छात्र भी तकनीक से अपग्रेड हो सकेंगे।
कोरोनाकाल की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। सिर्फ 10वीं व 12वीं की कक्षाएं चल रही हैं। उम्मीद है कि नए साल में कोरोना से निजात मिलेगी और शिक्षण संस्थान पहले की तरह खुल सकेंगे। नए साल में विद्या एप व अन्य माध्यमों से छात्रों को ई-एजुकेशन से जोड़ा जाएगा। यह अच्छा प्रयोग है।
- आशारानी पैन्यूली, मुख्य शिक्षाधिकारी