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राजधानी देहरादून में ट्रैफिक को लेकर नए सिरे से बनेगा प्लान

Wed, 12 Jun 2019 03:17 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
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यात्रा सीजन के दौरान बेलगाम यातायात के मद्देनजर ट्रैफिक निदेशालय जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में संबंधित विभागों के साथ कांफ्रेंस कर कार्ययोजना तैयार करेगा। यह योजना एक साल, तीन और पांच साल की होगी। पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूडी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंगलवार को यह फैसला लिया गया है। साथ ही ट्रैफिक पुलिस में संसाधन और बल बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। जल्द ही शासन को नया प्रस्ताव भेजा जाएगा। 

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पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूडी ने बैठक में राजधानी के अलावा चार धाम यात्रा, मसूरी और नैनीताल में यातायात को पटरी पर लाने को किए गए प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रयास किया जाए कि जाम किसी भी कीमत पर नहीं लगना चाहिए, क्याेंकि इससे देश भर से आने वाले पर्यटकों की नजर में प्रदेश की छवि बदरंग होती है। उन्होंने ट्रैफिक निदेशालय को राजधानी के ट्रैफिक में अपेक्षित सुधार के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। कहा कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में ट्रैफिक से जुड़े विभागों के अधिकारियों से बात कर सुधार की संभावनाओं पर मंथन करेंगे।

मसलन किन चौराहों और सड़कों का चौड़ीकरण किया जा सकता है। वैकल्पिक मार्गों पर नए सिरे से बात की जा सकती है। यातायात निदेशालय के निदेशक केवल खुराना ने बताया कि जल्द ही कांफ्रेंस की तिथि घोषित कर दी जाएगी। कार्ययोजना एक साल, तीन साल और पांच साल को लेकर बनाई जाएगी। मंथन के बाद कार्ययोजना का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा, ताकि उस पर अमल किया जा सके। अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन वी विनय कुमार, आईजी एसडीआरफ संजय गुंज्याल, आईजी गढ़वाल अजय रौतेला आदि इस दौरान मौजूद रहे। 
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आईजी रौतेला हरिद्वार में करेंगे कैंप
गंगा दशहरा स्नान के दौरान गढ़वाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अजय रौतेला हरिद्वार में कैंप करेंगे। डीजीपी ने बैठक के दौरान रौतेला को मंगलवार को ही हरिद्वार पहुंचकर यातायात संचालन को उठाए गए कदमों की समीक्षा करने को कहा, ताकि किसी तरह की जाम की स्थिति ना बन सके। 

दुर्घटनाओं पर अंकुश को परिवहन विभाग ने खरीदे चार इंटरसेप्टर वाहन 
परिवहन विभाग ने प्रदेश में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए मंगलवार को चार इंटरसेप्टर वाहन खरीदे। जिन्हें देहरादून के साथ ही हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर एवं नैनीताल जिले में तैनात किया जाएगा। पिछले वर्ष चारों जिलों में करीब 80 प्रतिशत वाहन दुर्घटनाएं हुई है। महकमे का दावा है कि इन वाहनों के जरिये बढ़ती दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी। अपर आयुक्त परिवहन सुनीता सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश में 1468 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 1047 लोगों की मौत हुई, जबकि 1571 लोग जख्मी हुए। वहीं, इस वर्ष अप्रैल तक 443 दुर्घटनाएं हो चुकी है, जिसमें 290 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 365 लोग घायल हुए। ये स्थिति चिंताजनक है।

कहाकि अधिकतर दुर्घटनाएं चालक की लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के कारण होती हैं। जिसे देखते हुए चार इंटरसेप्टर वाहन खरीदे गए हैं। इन वाहनों को प्रदेश के चार प्रमुख जिलों देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में तैनात किया जाएगा, जिससे यहां तेजी से बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके। कहा कि मौजूदा समय में परिवहन विभाग के पास तेज रफ्तार से फर्राटा भरने वाले वाहनों की जांच के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे। इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती से सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा।  

इंटरसेप्टर वाहनों में ये सुविधाएं मौजूद 
- लेजर स्पीड रडार गन 
- ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) सिस्टम 
- रूफ टॉप कैमरा (360 डिग्री रोटेशन के साथ)
- डैश बोर्ड कैमरा, रियर व्यू कैमरा 
- पब्लिक एड्रेस सिस्टम 
- वैरियेबिल मैसेज एलईडी डिस्पले 
- बार लाइट 
- बैटरी बैकअप के लिए इन्वर्टर एवं कलर प्रिंटर  

क्या होता है इंटरसेप्टर
इंटरसेप्टर गाड़ी में स्पीड रडार है। जो दो किलोमीटर से भी अधिक दूरी से किसी भी गाड़ी की रफ्तार को पकड़ लेगा। इंटरसेप्टर गाड़ी के कैमरे भी उच्च गुणवत्ता वाले हैं। इसके कैमरे किसी भी मौसम में सटीक काम करने में सक्षम हैं। इंटरसेप्टर गाड़ी के स्पीड रडार से किसी वाहन की स्पीड नापते हैं और वहां की निर्धारित स्पीड से अधिक होने के बाद ही उस वाहन पर कार्रवाई की जाती है। अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग स्पीड निर्धारित है। इस निर्धारित स्पीड से अधिक होने पर ही कार्रवाई होती है।

शासन से हरी झंडी, प्रदेश में खुलेंगे नौ नए फायर स्टेशन
आग की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर शासन ने मंगलवार को प्रदेश में नौ नए फायर स्टेशन खोलने को हरी झंडी दे दी है। इनमें से दो स्टेशन देहरादून जिले के त्यूणी और डोईवाला में खुलेंगे। बद्रीनाथ में नए फायर स्टेशन को स्वीकृति मिली है। गैरसैंण और पुरोला में जमीन की उपलब्धता न होने के कारण प्रस्ताव फिलहाल लटक गया है। 

अग्निशमन विभाग ने आग की घटनाओं के मद्देनजर 11 स्थानों पर फायर स्टेशन खोलने का प्रस्ताव दिया था। शासन ने सैद्धांतिक स्वीकृति तो पहले ही दे दी थी। मंगलवार को शासन ने नौ फायर स्टेशन खोलने संबंधी आदेश जारी कर दिए। पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक जीएस मत्तोलिया ने बताया कि ये फायर स्टेशन देहरादून के त्यूणी और डोईवाला, पौड़ी के श्रीनगर और थैलीसैंण, टिहरी के घनसाली, चमोली के बद्रीनाथ, पिथौरागढ़ के डीडी हाट, उधम सिंह नगर के बाजपुर और हरिद्वार जिले के भगवानपुर में खुलेंगे।

गैरसैंण और पुरोला में भी फायर स्टेशन खोलने का प्रस्ताव विचाराधीन है। जमीन उपलब्ध होते ही यहां भी फायर स्टेशन खोल दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक-दो माह में इन स्थानों पर फायर खोलने की औपचारिकताओं को पूरा कर लिया जाएगा।  इन फायर स्टेशनों के लिए 108 पद सृजित किए गए हैं। इनमें नौ पद अग्निशमन अधिकारी द्वितीय और 54 पद फायर मैन के हाेंगे। बता दें, अब तक प्रदेश में 33 फायर स्टेशन थे, जो अब 42 हो जाएंगे।

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