यह है वीडीओ भर्ती का प्रकरण
पंचायती राज विभाग में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के 196 पदों की भर्ती के लिए चयन आयोग ने 20 नवंबर 2015 को विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगे थी। जिसमें कुल एक लाख 10 हजार ने आवेदन किया। मार्च 2016 में लिखित परीक्षा आयोजित की गई और 29 मार्च 2016 को परिणाम घोषित किया गया। लेकिन कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत की। अभ्यर्थियों द्वारा हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई।
सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच अपर मुख्य सचिव डा. रणवीर सिंह को सौंपी। इस जांच में लिखित परीक्षा में कई अनियमितताएं पाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्मिक विभाग ने 14 जून 2017 को भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने के आदेश दिए। इस मामले में हाईकोर्ट ने दोबारा से लिखित परीक्षा कराने के आदेश दिए। अब चयन आयोग दो साल बाद दोबारा 25 फरवरी परीक्षा करा रहा है।
भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता के लिए बायोमीट्रिक सिस्टम की नई व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, फर्जी तरीके से परीक्षा देने वालों पर नकेल कसने में भी आसानी होगी।
- संतोष बडोनी, सचिव, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग