20 लाख से कम टैक्स दावेदारी वाले मामलों में अब आयकर विभाग उलट फैसला आने के बाद आगे की लड़ाई नहीं लड़ेगा। केंद्र सरकार ने लगातार बढ़ रहे वादों के चलते यह बदलाव किया है। इसके तहत हाईकोर्ट में 50 लाख रुपये से कम और सुप्रीम कोर्ट में एक करोड़ रुपये से कम दावेदारी वाले मामलों में अब आयकर विभाग कानूनी लड़ाई नहीं लड़ेगा।
बृहस्पतिवार को आयकर भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य आयकर आयुक्त रजनी कांत गुप्ता ने बताया कि सरकार के फैसले के बाद उत्तराखंड में ऐसे 77 मामलों से आयकर विभाग ने हाथ पीछे खींच लिए हैं। इनमें ट्रिब्यूनल के 64 और हाईकोर्ट के 13 मामले शामिल हैं। यह वाद कुल करीब 250 करोड़ रुपये की टैक्स दावेदारी के थे।
उन्होंने बताया कि अब ट्रिब्यूनल से यदि किसी 20 लाख रुपये से कम, हाईकोर्ट से 50 लाख रुपये से कम और सुप्रीम कोर्ट से एक करोड़ रुपये से कम टैक्स दावेदारी के मामले में आयकर विभाग हार जाता है तो उसकी आगे पैरवी नहीं की जाएगी। संबंधित न्यायालय के आदेश को ही पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा। यह नियम न केवल भविष्य के वादों में लागू होगा बल्कि इसी नियम के तहत पुराने वादों को भी वापस लिया गया है।