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#Me Too: 18 दिन में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है पुलिस अधीक्षक की जांच

Fri, 30 Nov 2018 09:14 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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संजय कुमार - फोटो : facebook
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भाजपा के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री संजय कुमार से जुड़े मीटू प्रकरण में एसपी देहात सरिता डोभाल की जांच 18 दिन बाद भी एक कदम आगे नहीं बढ़ सकी है। पुलिस की ओर से पीड़ित महिला को बयान दर्ज कराने के दो नोटिस जारी करने का दावा किया गया है, लेकिन नोटिस कागजों में ही दौड़ रहे हैं।  यह स्थिति तब है जबकि पीड़िता पहले दिन से ही सरकार और पुलिस कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में खड़ा कर रही है।   

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 इस मामले की जांच 11 नवंबर को एसपी देहात सरिता डोभाल को सौंप दी गई थी। एसपी देहात ने आरोपाें की जांच को लेकर पीड़ित महिला को बयान के लिए बुलाया था। एसपी देहात की तरफ से बताया गया कि पीड़ित महिला बयान दर्ज कराने के लिए दो नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से एक भी नोटिस तामिल होकर अब तक एसपी देहात के आफिस नहीं पहुंचा है। आखिर दोनों नोटिस कहां हैं, इसका जवाब अभी पुलिस के पास नहीं है।

सूत्राें का कहना है कि पीड़ित महिला का किराए का आवास बंद है, ऐसे में नोटिस कहां तामिल कराए गए हैं। इस बाबत पीड़िता से बात की गई तो उसने बताया कि पुलिस उसकी समस्या समझने को तैयार नहीं । जिस दिन से यह मामला चर्चा में आया, उसी दिन उसे मकान मालिक ने तत्काल घर खाली करने के लिए कह दिया। वह तुरंत सारा सामान लेकर कहां जाए, इसलिए घर पर ताला बंद करके वह मारी-मारी फिर रही है। उसे सुरक्षा की जरूरत है। सुरक्षा की अर्जी वकील के जरिए पुलिस को भेजी, वह रिसीव ही नहीं की गई। पीड़िता ने सवाल उठाया कि ऐसे असुरक्षित माहौल में वह कैसे बयान देने आए ? 

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यह था मामला

भाजपा से जुड़ी एक महिला ने प्रदेश भाजपा के महामंत्री (संगठन) संजय कुमार पर यौन उत्पीणन का आरोप लगाकर प्रदेश की राजनीति में सियासी भूचाल ला दिया था। महिला कार्यकर्ता ने संजय कुमार पर अश्लील मैसेज भेजने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पीड़िता का कहना था कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने शिकायत करने केे बाद आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस भी दबाव में उनकी शिकायत को दबाए हुए हैं। पीड़ित महिला ने अमर उजाला आफिस आकर आपबीती सुनाते हुए साक्ष्य उपलब्ध कराए थे। मीटू प्रकरण सुर्खियां बना, तब जाकर संजय कुमार को पद से हटाया गया। 

पीड़ित महिला से बुधवार को उनकी तीसरी बार बात हुई थी। महिला ने फोन पर आने की बात जरूर कही, लेकिन वह नहीं आई। पीडिता को बयान दर्ज कराने के लिए दो नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन उनमें से एक भी नोटिस तामिल होकर अब तक नहीं आया है। संबंधित पुलिस चौकी से नोटिस के बारे में जानकारी की जा रही हैं।
- सरिता डोभाल, पुलिस अधीक्षक देहात 
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