परिवहन विभाग के काशीपुर, रामनगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़, टनकुपर और गढ़वाल मंडल में रुड़की, विकास नगर, ऋषिकेश, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी जैसी जगहों पर केवल एआरटीओ प्रशासन का पद सृजित है। एआरटीओ प्रशासन को कार्यालय का काम निपटाने के अलावा चेकिंग का भी काम होता है। कई जगह चेकिंग के लिए वाहन तक नहीं है। ऐसे में एआरटीओ चेकिंग के 16 पदों को बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। साथ ही परिवहन मुख्यालय यूपी की तर्ज पर राज्य में पहली बार आरटीओ (चेकिंग) का पद भी सृजित करने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।
महीनों लग गए प्रस्ताव बनाने में
जुलाई में धुमाकोट हादसे के बाद चेकिंग दलों की संख्या बढ़ाने पर विचार- विमर्श हुआ। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने भी व्यवस्था सुधारने की बात कही थी। पर इसका प्रस्ताव तैयार करने में ही महीनों लग गए। हाल में ही प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सड़क हादसों में कई लोगों ने असमय जान जान जा चुकी है। राज्य में अक्तूबर तक 1181 दुर्घटनाएं हुई है, इसमें 844 लोगों की जान गई है।
वाहन चेकिंग का काम और बेहतर ढंग से करने के लिए तहसील स्तर पर चेकिंग दल का गठन समेत अन्य कदम उठाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
- शैलेश बगौली, परिवहन आयुक्त