शंकर ने कृषि, स्वास्थ्य, फॉर्मेसी और नैनो टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में परमाणु ऊर्जा के बढ़ रहे उपयोग के बारे में भी बताया।
भाभा एटॉमिक सेंटर के वैज्ञानिक डॉ. गुलशन रहलन, टाटा मेमोरियल अस्पताल की प्रिवेन्टिव ऑनकोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शर्मीला पिम्पले, एटॉमिक मिनिरल डिवीजन के निदेशक डॉ. प्रदीप पांडे, ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राकेश कुमार शर्मा, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. संजय जसोला ने भी विचार व्यक्त किए।
कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के 14 वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर परमाणु ऊर्जा विभाग के एसओई जे. पच्चामुटठू, गणेश कुमार शर्मा, डॉ. सत्याशिवनी, शैलजा प्रदीप, डॉ. विजय कुमार आदि मौजूद रहे।