गत 29 अक्तूबर से जेल में बंद उमेश को 19वें दिन सत्र न्यायालय से थोड़ी राहत मिली थी। माना जा रहा था रिहाई में वक्त लग सकता है, लेकिन बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने उसकी बीमारी का हवाला देते हुए हाथ के हाथ रिहाई के आर्डर भी कोर्ट से हासिल कर लिए।
अब जैसे ही वे उमेश को लेने सुद्धोवाला जेल पहुंचे यहां पेंच फंस गया। उमेश का यहां रांची के मुकदमे से संबंधित बी वारंट पहले से ही मौजूद था। ऐसे में जेल प्रशासन ने उसे रिहा करने से इंकार कर दिया। इस पर अधिवक्ता और उसके साथी उमेश को बाहर निकालने की जुगत में जुट गए, मगर जेल प्रशासन ने देहरादून पुलिस को इसकी इत्तला देकर उसे रांची भेजने की तैयारी कर ली।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती के आदेश पर प्रतिसार निरीक्षक सुरेंद्र सिंह बलोनी ने पुलिस लाइन से दो दारोगा और चार सिपाहियों की गारद को सुद्धोवाला जेल भेज दिया। तब तक उमेश के साथी भी शनिवार को कोशिशों की आस लगाने के बाद वहां से चले गए। इसके बाद जेल प्रशासन ने वारंट के साथ उमेश को गारद (पुलिसकर्मियों) को सौंप दिया।
इसके बाद पुलिस उसे नंदा देवी एक्सप्रेस से रात करीब साढ़े ग्यारह बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई। वहां से उसे रांची ले जाया जाएगा। इधर, सुबह दस बजे तक भी उमेश के अधिवक्ताओं और साथियों को इस घटनाक्रम का पता नहीं चल सका था। उमेश के अधिवक्ता एमएम लांबा ने शनिवार दस बजे तक भी इस तरह की किसी बात से इंकार किया था। जबकि, उसे रांची ले जाए जाने की एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने पुष्टि की है।
राहुल भाटिया ने दर्ज कराए बयान
ब्लैकमेलिंग के मुकदमे में आरोपी राहुल भाटिया ने शनिवार को राजपुर थाने पहुंचकर विवेचक एसओ राजपुर के समक्ष बयान दर्ज कराए हैं। राहुल भाटिया को गिरफ्तारी स्टे मिला हुआ है। पिछले दिनों एसओ राजपुर अरविंद कुमार ने हाईकोर्ट से स्टे हासिल करने वाले सभी आरोपियों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा था। इससे पहले सौरभ साहनी अपने बयान दर्ज करा चुका है। अभी प्रवीण साहनी और मृत्युंजय मिश्रा बयान दर्ज कराने से रह गए हैं।