भवन निर्माण से पहले अलग-अलग विभागों की एनओसी के लिए अब चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार ने एनओसी जारी करने की नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत संबंधित विभागों की एक तकनीकी समिति गठित की जाएगी, जो स्थलीय निरीक्षण कर 48 घंटों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।
बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान 2016 (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के तहत प्रदेश में नक्शा पास कराने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जा रहा है। इसके तहत पहले ही ऑटो कैड सिस्टम और नक्शा पास करने की समयावधि तय करने जैसे निर्णय हो चुके हैं।
इसी कड़ी में सभी प्राधिकरणों, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों और विनियमित क्षेत्रों में एनओसी की प्रक्रिया को आसान किया जा रहा है। अब विभागों से अलग-अलग एनओसी लेने की जरूरत नहीं रहेगी। इसके बजाय सीधे प्राधिकरण में नक्शा जमा करना होगा। इसमें उल्लेख करना होगा कि किन-किन विभागों से एनओसी लेने की आवश्यकता है।
संबंधित प्राधिकरण, विशेष क्षेत्र प्राधिकरण और विनियमित क्षेत्र के प्राधिकारी सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर एक तकनीकी समिति का गठन करेंगे। यह नक्शों का निरीक्षण कर अपनी संस्तुति या आख्या देगी। इसके आधार पर संयुक्त स्थलीय निरीक्षण के लिए सक्षम प्राधिकारी एक तिथि नियत करेंगे। इस तिथि को समिति स्थलीय निरीक्षण कर अगले 48 घंटों के भीतर अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी।
भवन निर्माण स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल करने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है। इससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विभाग एनओसी के मामलों को अनावश्यक लटका भी नहीं सकेंगे।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, प्रभारी सचिव, आवास