मानसून के सक्रिय होने के साथ सरकार और शासन सतर्क हो गया है। मानसून के दौरान अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, बाढ़, भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए शासन की ओर से नई गाइड लाइन जारी की गई है।
आपदा सचिव अमित सिंह नेगी ने सभी डीएम को निर्देशित किया है कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक कर उसका कार्यवृत्त शासन को तत्काल भेजा जाए। भूस्खलन, बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर निकटतम वैकल्पिक शरण स्थलों और आपदा राहत संसाधनों की व्यवस्था की जाए।
आपदा सचिव की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक राज्य में आपदाओं के मद्देनजर इंसीडेंट रेस्पांस सिस्टम यानी आइआरएस लागू किया गया है। ऐसे सक्षम अधिकारियों को नामित कर उनकी सूची शासन को मुहैया कराई जाए। सीडब्ल्यूसी, आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र, सिंचाई और मौसम विभाग के सहयोग से नदियों के व्यवहार की जानकारी जुटाई जाए, ताकि बाढ़ की स्थिति में आवश्यक कदम उठाए जा सकें।