नारी निकेतन में संवासिनी के शारीरिक शोषण मामले की परतें उधड़ने लगी हैं। जांच में इसकी पुष्टि हुई है कि 16 नवंबर को नारी निकेतन से संवासिनी को बाहर लाया गया था। नारी निकेतन की कर्मचारी संवासिनी को बाहर लाई थी। इस दौरान संवासिनी का चेहरा ढका गया था। जांच भटकाने के उद्देश्य से एंट्री रजिस्टर में काटछांट की गई है, जो अब आरोपियों के गले का फंदा बनने जा रही है।
संवासिनी मामले को दबाने और झूठा साबित करने की भरसक कोशिश की गई। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने तो बिना वाजिब जांच किए आरोपों को निराधार बता दिया था। लेकिन जब अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व झरना कमठान के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने जांच की तो झूठ का नकाब उतर गया।
नारी निकेतन में संवासिनी के शोषण के संबंध में अमर उजाला को फैक्स से मिले पत्र के कई तथ्य हकीकत से मेल खा रहे हैं। जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने भी पुष्टि की है कि नारी निकेतन के एंट्री रजिस्टर से छेड़छाड़ की गई है। आरोपियों ने काटछांट कर गुनाह छिपाने की कोशिश की। 16 नवंबर को नारी निकेतन से एक संवासिनी को बाहर लाया गया था।
जांच टीम के हाथ लगे हैं कई अहम सुराग
बाहर लाते समय कर्मचारियों के नाम की एंट्री तो हुई है, लेकिन संवासिनी का नाम नहीं लिखा गया है। जांच में ऐसे प्रमाण भी मिले हैं, जिनसे संवासिनी का चेहरा ढककर बाहर लाने की पुष्टि हुई है।
संवासिनी को बाहर लाने और अंदर ले जाने वाली कर्मचारियों के नाम साफतौर पर सामने आ चुके हैं। यह भी बात सामने आ रही है कि संवासिनी को पहले एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया, फिर वहां बिना भर्ती कराए वापस आ गए। इसके बाद संवासिनी को किसी प्राइवेट अस्पताल में ले जाने की बात कही जा रही है।
जांच टीम ने अस्पतालों की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली हैं। जांच टीम के हाथ कई अहम सबूत लगे हैं, जो पुलिस की जांच में काफी मददगार साबित होंगे।
टीम ने पूरी की जांच, देरशाम डीएम को सौंपी रिपोर्ट
नारी निकेतन में संवासिनी के शारीरिक शोषण का मामला उछलने के बाद जिलाधिकारी की ओर से गठित जांच समिति ने रिपोर्ट सौंप दी है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व झरना कमठान के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई थी।
जांच समिति में समाज कल्याण अधिकारी और एक महिला चिकित्सक को भी शामिल किया गया था। टीम ने मंगलवार शाम जांच पूरी कर ली। देरशाम जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई। जांच में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। टीम ने आगे की जांच पुलिस के स्तर से कराए जाने की संस्तुति की है।