उनके साथ गृहसचिव महेश्वर नुपाने, एपीएफ के आईजीपी शैलेंद्र खनाल, राजनीतिक सलाहकार इंद्रजीत राय, एआईजी रामशरण पौडेल, सांसद गणेश सिंह ठगुन्ना, सेना सहायक राठी पवन राज घिमिरे, उरेड़ा कार्यकारी निदेशक मधुसूदन अधिकारी आदि मौजूद रहे।
छांगरु में एपीएफ के डीएसपी सहित 160 जवान तैनात
इससे पहले दार्चुला के खलंगा में एपीएफ की कंपनी थी। सीमा विवाद के बाद जुलाई में नेपाल के मंत्रिमंडल ने यहां हेडक्वार्टर (गण) बनाया। इसके तहत खलंगा में सात सौ जवान हैं। छांगरु में कंपनी (गुल्म) बना दी है। कंपनी बनने के बाद यहां एपीएफ के डीएसपी सहित 160 जवान तैनात हैं।